पत्नी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने दी जान, सुसाइड नोट के आधार पर पत्नी गिरफ्तार

पत्नी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने दी जान, सुसाइड नोट के आधार पर पत्नी गिरफ्तार

सागर के खुरई में 19 जुलाई को हुई आत्महत्या मामले में पुलिस की कार्रवाई, जांच के बाद आरोपी पत्नी को भेजा गया जेल

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र में युवक की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई युवक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की है। आरोपी महिला पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस के अनुसार, तेवरी गांव निवासी 37 वर्षीय सुरेंद्र अहिरवार ने 19 जुलाई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।

सुसाइड नोट बना जांच का अहम आधार

जांच के दौरान पुलिस को मृतक का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी पत्नी से मानसिक रूप से प्रताड़ित होने का उल्लेख किया था। नोट में उसने अपनी आत्महत्या के लिए पत्नी के व्यवहार और लगातार चल रहे पारिवारिक विवाद को जिम्मेदार बताया था।

पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर उसकी जांच की। इसके साथ ही परिजनों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।

एक साल से मायके में रह रही थी पत्नी

मृतक के पिता रामशाह अहिरवार ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र इंदौर में मजदूरी करता था और घटना से तीन दिन पहले ही गांव लौटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेंद्र की पत्नी करीब एक वर्ष से अपने मायके में रह रही थी। परिवार की ओर से कई बार उसे वापस घर आने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं लौटी।

परिजनों का कहना है कि पत्नी के अलग रहने और पारिवारिक तनाव के कारण सुरेंद्र मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। घटना वाले दिन भी वह काफी तनाव में था।

जांच के बाद हुई गिरफ्तारी

मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है। यदि आगे जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

मामले की हर पहलू से जांच जारी

पुलिस का कहना है कि आत्महत्या जैसे मामलों में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाती है। सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पारिवारिक मतभेद बढ़ने पर कानूनी और सामाजिक सहायता लेने का प्रयास करें, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।