MP NEWS: अंत्येष्टि अनुग्रह सहायता योजना में बदलाव, पोर्टल में नाम रजिस्टर न होने पर नहीं मिलेगी 4 लाख की सहायता
MP NEWS: अंत्येष्टि अनुग्रह सहायता योजना में बदलाव, पोर्टल में नाम रजिस्टर न होने पर नहीं मिलेगी 4 लाख की सहायता
भोपाल,। प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही श्रम विभाग द्वारा लिए गए एक फैसले के बाद अब भवन निर्माण में काम करने वाले अनरजिस्टर्ड श्रमिकों को मिलने वाली 4 लाख की मदद रुक जाएगी। दरअसल विभाग ने 8 दिसम्बर को एक नोटिफिकेशन के जरिये कहा है कि जो श्रमिक भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे उनके लिए अब तक चलने वाली सहायता योजना बंद कर दी गई है। गैर पंजीकृत श्रमिकों को लाभ से वंचित करने का यह फैसला शिवराज सरकार द्वारा सितम्बर माह में ही ले लिया गया था लेकिन इस पर अमल अब होने जा रहा है। शिवराज सरकार ने इसे संबल योजना में शामिल किया था।
यह है श्रम विभाग का नोटिफिकेशन
श्रम विभाग के द्वारा 8 दिसम्बर को किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियम 2002 के नियम 278 का उपयोग कर इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार मध्यप्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा राज्य शासन से पूर्व में कराए गए अनुमोदन के आधार पर निर्माण स्थल पर कार्य के दौरान दुर्घटना में गैर पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु होने या अपंगता की स्थिति में अंत्येष्टि और अनुग्रह राशि का लाभ दिया जाता रहा है। यह व्यवस्था 4 दिसंबर 2014 से नोटिफाई की गई थी जिसे 13 जनवरी 2017 को किए गए संशोधन के माध्यम से प्रभावी किया गया था। इसमें गैर पंजीकृत श्रमिकों को लाभ देने का काम किया जाता रहा है। अब 8 दिसम्बर 2023 से यह योजना बंद कर दी गई है यानी मध्यप्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल में गैर पंजीकृत श्रमिकों की मौत होने पर उन्हें अन्त्येष्टि या अनुग्रह सहायता योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
अंत्येष्टि योजना में यह हैं फायदे
इस योजना के मुताबिक पूर्व में अपंजीकृत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मौत होने पर तीन हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता और निर्माण के दौरान घटना में मौत होने पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अपंगता की स्थिति में 75 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान था। इसके बाद 13 जनवरी 2017 को किए गए संशोधन के उपरांत दुर्घटना में मौत होने पर चार लाख रुपए और स्थायी अपंगता की स्थिति में 2 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान इस योजना के अंतर्गत किया गया था। तब से अब तक यह व्यवस्था श्रमिक के पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं होने पर भी प्रभावी थी। अब इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
अब तक 1.70 करोड़ श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन
इस मामले में श्रम विभाग के अफसरों का कहना है कि प्रदेश में वर्तमान में भवन सन्निर्माण कर्मकार योजना में 1.70 करोड़ पंजीकृत हैं। अभी तक होता यह रहा है कि ठेकेदार गांवों से श्रमिकों को लाते हैं और पंजीयन कराए बगैर काम कराते हैं। पूर्व में ऐसी स्थिति होने पर भी अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता योजना का लाभ मिल जाता था लेकिन अब नहीं मिलेगा। इसलिए विभाग ने कहा है कि ठेकेदार अपने श्रमिकों का पंजीयन कराएं और श्रमिक भी इसके लिए खुद आगे आकर रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि दुर्घटना की स्थिति में लाभ मिल सके।
Newsdesk