कांग्रेस हाईकमान ने शुरू किया आगामी चुनावों की रणनीति पर विचार-मंथन, संगठन में सुधार पर फोकस; राहुल गांधी का बड़ा बयान

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गुजरात में कांग्रेस CWC बैठक: आगामी चुनावों की रणनीति और संगठनात्मक सुधारों पर हुआ मंथन

अहमदाबाद, 8 अप्रैल 2025 — आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत कांग्रेस पार्टी ने गुजरात के अहमदाबाद में बड़ा राजनीतिक मंथन शुरू किया है। अधिवेशन से ठीक पहले कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी नेतृत्व ने चुनावी रणनीतियों, संगठनात्मक मजबूती और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की, जिसमें पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

चुनावी रणनीति पर फोकस

बैठक में उन राज्यों को प्राथमिकता दी गई जहां आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जैसे कि महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली। पार्टी ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने, स्थानीय गठबंधनों को साधने और बूथ स्तर की तैयारियों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।

राहुल गांधी ने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास फिर से पाना है। इसके लिए संगठन में नई ऊर्जा भरनी होगी।”

संगठनात्मक सुधारों की चर्चा

बैठक में कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से मांग की जा रही सुधारों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, राज्य इकाइयों को अधिक अधिकार देने, युवा नेतृत्व को आगे लाने और डिजिटल प्रचार तंत्र को सशक्त करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी।

प्रियंका गांधी ने इस दौरान कहा कि “आज की राजनीति में आम जनता से सीधा संवाद ही सबसे बड़ा हथियार है। कांग्रेस को जमीनी मुद्दों पर केंद्रित होकर, पुराने ढर्रे से आगे बढ़ना होगा।”

राष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा

बैठक में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों को लेकर पार्टी की भूमिका पर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने निर्णय लिया कि इन विषयों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

राजनीतिक संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि यह अधिवेशन और बैठक कांग्रेस के लिए राजनीतिक तौर पर बेहद अहम हैं, क्योंकि 2024 लोकसभा चुनावों में उम्मीद से कम प्रदर्शन के बाद पार्टी अब नए सिरे से खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है। गुजरात जैसे राज्य में अधिवेशन आयोजित कर पार्टी एक संदेश भी देना चाहती है कि वह भाजपा के गढ़ में भी अपनी उपस्थिति को चुनौती देने को तैयार है।