"पीएम मोदी का MUDRA पर जवाब: 'अखबार कहते हैं अमीरों की सरकार...', हंसी से गूंज उठा माहौल"

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मुद्रा योजना के 10 साल: पीएम मोदी ने लाभार्थियों के साथ की बातचीत, जीवन में बदलाव की कहानियां हुईं साझा
नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2025: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के 10 साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से आए लाभार्थियों के साथ अपने निवास पर एक विशेष बातचीत की। इस मौके पर पीएम मोदी ने योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि मुद्रा योजना ने न केवल उद्यमिता को बढ़ावा दिया है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी काम किया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा, "आज, जब हम #10YearsOfMUDRA मना रहे हैं, मैं उन सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं जिनके जीवन में इस योजना के कारण बदलाव आया है। मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने निवास पर आमंत्रित किया था। उन्होंने इस योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में रोचक जानकारी साझा की। उनकी यात्रा प्रेरणादायक है।"
लाभार्थियों की प्रेरक कहानियां
इस संवाद के दौरान, लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं, जिनमें छोटे व्यवसाय शुरू करने से लेकर आत्मनिर्भर बनने तक का सफर शामिल था। एक लाभार्थी ने बताया कि कैसे मुद्रा योजना के तहत मिले ऋण ने उन्हें अपनी सिलाई की दुकान शुरू करने में मदद की, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी, बल्कि उनके परिवार का जीवन स्तर भी ऊंचा हुआ। एक अन्य लाभार्थी ने कहा कि इस योजना ने उन्हें अपने पारंपरिक हस्तशिल्प व्यवसाय को विस्तार देने का मौका दिया, जिससे उनकी आमदनी दोगुनी हो गई।
पीएम मोदी ने इन कहानियों को सुनकर कहा, "भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। मुद्रा योजना ने अनगिनत लोगों को अपने उद्यमशीलता कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर दिया है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हुई है, जो पहले वित्तीय सहायता से वंचित थे।
मुद्रा योजना का सफर
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराना था। पिछले 10 सालों में इस योजना ने करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया है। हाल ही में सरकार ने योजना के तहत ऋण की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया, जिससे और अधिक लोग इसके दायरे में आ सकें।
सामाजिक समावेश पर जोर
पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि इस योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय के लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने इसे सामाजिक समावेश और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
भविष्य की योजनाएं
इस अवसर पर पीएम ने मुद्रा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और आने वाले समय में इसे और व्यापक बनाया जाएगा।
यह संवाद सुबह 9 बजे शुरू हुआ, जिसे विभिन्न मंचों पर प्रसारित किया गया। पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वे इस बातचीत को जरूर देखें और इससे प्रेरणा लें। इस आयोजन ने एक बार फिर मुद्रा योजना की सफलता और इसके लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव को राष्ट्रीय पटल पर उजागर किया।