इंदौर: मरी माता मंदिर के पास शराब दुकान के खिलाफ रहवासियों का उबाल, विधायक और एमआईसी सदस्य ने की हस्तक्षेप की मांग
इंदौर, 7 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक बार फिर शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। राजकुमार ब्रिज के नीचे मरी माता मंदिर के सामने स्थित शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस मुद्दे पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया और नगर निगम के एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया ने मोर्चा संभाला है, और दुकान को तत्काल हटाने की मांग तेज कर दी है।
रहवासियों का आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के इतने नजदीक शराब दुकान का संचालन न केवल उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है। रहवासी क्षेत्र में शराबियों की मौजूदगी से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी एक महिला ने कहा, "हमारे बच्चे और हम खुद सुरक्षित नहीं महसूस करते। मंदिर के सामने शराब दुकान का होना अस्वीकार्य है।"
विधायक और एमआईसी सदस्य मैदान में
इस विरोध को देखते हुए विधायक महेंद्र हार्डिया और एमआईसी सदस्य नंदू पहाड़िया ने रहवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। हार्डिया ने कहा, "यह दुकान नियमों का उल्लंघन है। धार्मिक स्थल और रिहायशी इलाके के पास ऐसी दुकानों का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम इसे जल्द से जल्द हटवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" वहीं, नंदू पहाड़िया ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
नियमों की अनदेखी का आरोप
मध्य प्रदेश की आबकारी नीति के अनुसार, शराब दुकानों को धार्मिक स्थलों, स्कूलों और अस्पतालों से निश्चित दूरी पर होना चाहिए। रहवासियों का आरोप है कि मरी माता मंदिर के ठीक सामने यह दुकान खोलकर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "यहां रोजाना मंदिर में भक्त आते हैं, और शराबियों की वजह से माहौल खराब हो रहा है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।"
प्रशासन पर दबाव
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विधायक और एमआईसी सदस्य के नेतृत्व में रहवासियों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही कोई फैसला ले सकता है। हालांकि, अभी तक आबकारी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पहले भी हो चुके हैं विरोध
इंदौर में शराब दुकानों के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बीजेपी कार्यालय के नीचे शराब दुकान और न्यू देवास रोड पर दुकान खोलने के प्रयासों का भारी विरोध हो चुका है। हर बार स्थानीय लोगों और नेताओं के दबाव में प्रशासन को पीछे हटना पड़ा है।
आगे की राह
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। विधायक हार्डिया ने कहा, "हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो कानूनी रास्ता भी अपनाया जाएगा।" इस बीच, मरी माता मंदिर के पास शराब दुकान का मुद्दा शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस बढ़ते दबाव के आगे क्या कदम उठाता है। फिलहाल, रहवासियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।