"शेयर बाजार में हड़कंप: ट्रंप टैरिफ से मची उथल-पुथल, केंद्र सरकार ले सकती है बड़े कदम"

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शेयर बाजार में हड़कंप: ट्रंप टैरिफ से मची उथल-पुथल, केंद्र सरकार ले सकती है बड़े कदम
नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टैरिफ नीति ने वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की, जिसमें सेंसेक्स 3914 अंक और निफ्टी 1146 अंक लुढ़क गया। इस भारी बिकवाली के पीछे ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसने वैश्विक व्यापार युद्ध और आर्थिक मंदी की आशंकाओं को हवा दी है। इस बीच, केंद्र सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी में जुट गई है।
ट्रंप टैरिफ का वैश्विक असर
ट्रंप ने हाल ही में चीन और अन्य प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसके जवाब में चीन ने 34% के जवाबी टैरिफ की घोषणा की। इससे अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखी गई, जहां एसएंडपी 505.28 डॉलर पर बंद हुआ, जो 6% की कमी दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यापार युद्ध न केवल निर्यात-आयात को प्रभावित करेगा, बल्कि कच्चे तेल और सोने जैसी कमोडिटी की कीमतों में भी उछाल ला सकता है।
भारतीय बाजार पर दबाव
सोमवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में भगदड़ मच गई। मात्र 5 मिनट में 19 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी स्वाहा हो गई। निफ्टी आईटी, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे सेक्टरों में भारी अस्थिरता देखी गई, खासकर तब जब निफ्टी आईटी पहले ही 15% नीचे चल रहा था। विश्लेषकों के अनुसार, भारत जैसे उभरते बाजारों पर इसका असर इसलिए ज्यादा है क्योंकि ये सेक्टर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर काफी निर्भर हैं।
एक वरिष्ठ बाजार विश्लेषक ने कहा, "ट्रंप के टैरिफ से भारतीय कंपनियों की निर्यात आय प्रभावित होगी, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। अगर यह स्थिति लंबी चली, तो निफ्टी और सेंसेक्स पर और दबाव बढ़ सकता है।"
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
बाजार में मची तबाही के बाद केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं ताकि बाजार को स्थिर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकें। संभावित उपायों में ब्याज दरों में कटौती, निर्यातकों के लिए राहत पैकेज और घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां शामिल हो सकती हैं।
एक सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हम स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं। अगले कुछ दिनों में बड़े ऐलान हो सकते हैं ताकि निवेशकों का भरोसा बहाल किया जा सके।" इसके अलावा, सरकार सोने और तेल की कीमतों में उछाल को नियंत्रित करने के लिए भी कदम उठा सकती है, जो महंगाई को बढ़ाने का खतरा पैदा कर रहे हैं।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद अहम होंगे। अगर ट्रंप प्रशासन और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका और गहरा असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार के कदमों से बाजार को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर उन सेक्टरों में जो वैश्विक व्यापार पर निर्भर हैं।
फिलहाल, शेयर बाजार में हड़कंप का माहौल है, और सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या ये कदम बाजार को संभाल पाएंगे, या यह उथल-पुथल और गहराएगी? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।