Earthquake: अफगानिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप, जम्मू-कश्मीर में भी महसूस हुए झटके
अफगानिस्तान में 19 अप्रैल 2025 को 12:17 बजे 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके जम्मू-कश्मीर में भी महसूस हुए। भूकंप का केंद्र हिंदूकुश क्षेत्र में 130 किमी की गहराई पर था। अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
श्रीनगर/काबुल, 19 अप्रैल 2025: शनिवार दोपहर 12:17 बजे (भारतीय समयानुसार) अफगानिस्तान में रिक्टर पैमाने पर 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके भारत के जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में 36.10 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.20 डिग्री पूर्वी देशांतर पर, जमीन से 130 किलोमीटर की गहराई पर था।
भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, पुंछ और अन्य क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। श्रीनगर के एक स्थानीय निवासी मोहम्मद यासिर ने बताया, "मैं अपने कार्यालय में था जब अचानक कुर्सी और मेज हिलने लगी। हम तुरंत बाहर खुले मैदान की ओर भागे।" हालांकि, अभी तक जम्मू-कश्मीर या अफगानिस्तान से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।
क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता
अफगानिस्तान, खासकर हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला, भूकंपीय गतिविधियों के लिए अत्यधिक संवेदनशील है। यह क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण यहां बार-बार भूकंप आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे भूकंप, जैसे कि यह, आमतौर पर सतह पर कम नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन व्यापक क्षेत्र में झटके महसूस किए जा सकते हैं। इस भूकंप के झटके भारत के अलावा उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान और दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में भी हल्के रूप में दर्ज किए गए।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय प्रशासन ने भूकंप के बाद स्थिति पर नजर रखने के लिए आपातकालीन टीमें तैनात की हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करें। एनसीएस ने भी अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भूकंप के बाद सतर्क रहने की सलाह दी है।
भूकंप के बाद सतर्कता जरूरी
भूकम्प विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के भूकंप के बाद छोटे-मोटे आफ्टरशॉक्स (बाद के झटके) आ सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मजबूत इमारतों में रहें, खुले स्थानों में शरण लें और भूकंप के दौरान लिफ्ट का उपयोग न करें। यह भूकंप हाल के महीनों में अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में आए कई भूकंपीय घटनाओं की कड़ी का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में भूकंप की तैयारियों और जागरूकता को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि किसी बड़े नुकसान को रोका जा सके।
news desk MPcg