शाहजहांपुर: गंगा एक्सप्रेस-वे पर आंधी-तूफान के बीच वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन, राफेल-जगुआर और मिराज ने दिखाई ताकत
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर आंधी-तूफान के बीच भारतीय वायुसेना ने राफेल, जगुआर और मिराज विमानों के साथ टेक-ऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। यह देश की पहली नाइट लैंडिंग सुविधा वाली हवाई पट्टी है, जो युद्ध और आपदा में वैकल्पिक रनवे के रूप में महत्वपूर्ण है। अभ्यास ने वायुसेना की ताकत और उत्तर प्रदेश के सामरिक-आर्थिक विकास को प्रदर्शित किया।
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश, 2 मई 2025: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक अभ्यास के दौरान अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। खराब मौसम और धूल भरी आंधी के बीच 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी पर राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 और अन्य उन्नत लड़ाकू विमानों ने टेक-ऑफ और लैंडिंग की प्रैक्टिस की। यह देश की पहली ऐसी हवाई पट्टी है, जो रात में भी लड़ाकू विमानों की लैंडिंग की सुविधा प्रदान करती है।
मौसम की चुनौतियों के बीच शुरू हुआ अभ्यास
सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस अभ्यास से पहले शाहजहांपुर में मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और घने बादलों ने दृश्यता को प्रभावित किया। इसके बावजूद, भारतीय वायुसेना ने अपनी परिचालन तत्परता का प्रदर्शन करते हुए अभ्यास को सफलतापूर्वक शुरू किया। सबसे पहले C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट विमान ने हवाई पट्टी पर 'टच एंड गो' अभ्यास किया। इसके बाद राफेल, मिराज, जगुआर और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों ने आसमान में करतब दिखाए, जिसे देखने के लिए हजारों लोग एकत्र हुए।
देश की पहली नाइट लैंडिंग हवाई पट्टी
गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनी यह हवाई पट्टी उत्तर प्रदेश का चौथा ऐसा एक्सप्रेस-वे है, जिसमें हवाई पट्टी की सुविधा उपलब्ध है। इससे पहले आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर भी ऐसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। हालांकि, शाहजहांपुर की यह हवाई पट्टी देश की पहली ऐसी पट्टी है, जो विशेष नेविगेशन और लाइटिंग सिस्टम से लैस है, जिसके चलते रात में भी विमानों की लैंडिंग संभव है। शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चले इस अभ्यास के बाद शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक नाइट लैंडिंग का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया जाएगा।
युद्ध और आपदा में वैकल्पिक रनवे की भूमिका
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे को वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने की क्षमता का परीक्षण करना है। हाल के भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस अभ्यास का सामरिक महत्व और बढ़ गया है। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, यह हवाई पट्टी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सैन्य कार्रवाई और राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हवाई पट्टी की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके दोनों ओर लगभग 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और पांच किलोमीटर के दायरे को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। जानवरों को रोकने के लिए लोहे की बाड़ लगाई गई है, और स्थानीय लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है। वायुसेना और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) ने मिलकर इस आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया।
मुख्यमंत्री योगी का योगदान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इस हवाई पट्टी का निरीक्षण किया था और इसे उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर बताया था। उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण को नवंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इसे प्रयागराज से गाजीपुर और मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने की योजना की घोषणा की है। इसके अलावा, शाहजहांपुर में एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक हब विकसित करने की योजना भी है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
news desk MPcg