20 दिन बाद घर वापसी: पाकिस्तान ने गलती से सीमा पार गए बीएसएफ कांस्टेबल पीके साहू को भारत को सौंपा
बीएसएफ कांस्टेबल पीके साहू मूल रूप से बंगाल के रहने वाले हैं और 23 अप्रैल को पंजाब की सीमा पर तैनात थे। वहां गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान की सेना ने पकड़ लिया था।
पाकिस्तान ने बीएसएफ कांस्टेबल पीके साहू को 20 दिन बाद भारत को सौंप दिया है। साहू 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तानी क्षेत्र में चले गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
बीएसएफ की 182वीं बटालियन के जवान साहू उस समय किसानों के साथ ड्यूटी पर थे, जब वह छाया में आराम करने के लिए आगे बढ़े और अनजाने में सीमा पार कर गए। वह वर्दी में थे और उनके पास सर्विस राइफल भी थी। हिरासत में लिए जाने के बाद, बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच कई फ्लैग मीटिंग्स हुईं, लेकिन शुरुआत में उनकी रिहाई में देरी हुई।
साहू के परिवार, जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिशरा में रहता है, ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से गुहार लगाई थी। उनकी पत्नी रजनी और परिवार ने केंद्र सरकार और बीएसएफ के प्रयासों की सराहना की है।
पाकिस्तान ने आखिरकार भारत के कड़े रुख और कूटनीतिक प्रयासों के बाद साहू को वापस सौंपा। बीएसएफ ने उनकी वापसी को एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं अक्सर अनजाने में होती हैं, जिन्हें सैन्य प्रोटोकॉल के तहत सुलझाया जाता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था।
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