उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद बड़ा बदलाव 4.42 लाख विवाह पंजीकृत, लिव-इन और तलाक के आंकड़े भी जारी

उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद बड़ा बदलाव 4.42 लाख विवाह पंजीकृत, लिव-इन और तलाक के आंकड़े भी जारी

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू 4.42 लाख विवाह पंजीकृत, लिव-इन और तलाक के आंकड़े भी आए सामने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद बड़ी संख्या में विवाह पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। सरकार के अनुसार अब तक 4.42 लाख नए विवाह पंजीकृत किए जा चुके हैं, जबकि पुराने पंजीकृत विवाहों को भी स्वीकृति दी गई है।

विवाह पंजीकरण में बड़ा आंकड़ा

88 हजार पुराने विवाहों को मिली स्वीकृति राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद 88 हजार पुराने विवाहों को भी आधिकारिक मान्यता दी गई है। इससे विवाह पंजीकरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिली है।

लिव-इन और तलाक के मामले

358 तलाक और 89 लिव-इन केस दर्ज सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 358 विवाह-विच्छेद (तलाक) के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 89 लिव-इन रिलेशनशिप के मामले भी पंजीकृत हुए हैं। इनमें से कुछ मामलों में लिव-इन विच्छेद की भी स्वीकृति दी गई है।

UCC लागू होने के बाद बदलाव

पारदर्शिता और एक समान कानून पर जोर 27 जनवरी 2025 से लागू इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है।

सख्त नियमों का प्रावधान

गलत जानकारी देने पर सजा का नियम UCC के तहत यदि कोई व्यक्ति विवाह या लिव-इन में गलत जानकारी देता है या किसी तथ्य को छिपाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।