जर्मनी की मोस्ट वांटेड डेनिएला क्लेटे को 13 साल की सजा, 30 साल तक पहचान छिपाकर पुलिस को देती रही चकमा
जर्मनी की मोस्ट वांटेड महिला डेनिएला क्लेटे को 13 साल की सजा, 30 साल तक पहचान बदलकर छिपी रही सशस्त्र डकैती और अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी, AI तकनीक से हुई गिरफ्तारी ने खोला पूरा राज
जर्मनी की मोस्ट वांटेड महिला Daniela Klette को आखिरकार 13 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। वह करीब 30 वर्षों तक कानून से बचते हुए अलग पहचान के साथ सामान्य जीवन जीती रही, लेकिन अब अदालत ने उसे सशस्त्र डकैती, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने के मामलों में दोषी करार दिया है।
‘क्लाउडिया इवोन’ बनकर जी रही थी दोहरी जिंदगी
क्लेटे ने वर्षों तक “क्लाउडिया इवोन” नाम से बर्लिन में जीवन बिताया। वह आम लोगों की तरह रहती थी, बच्चों को पढ़ाती थी और सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल रहती थी। लेकिन इसी सामान्य जीवन के पीछे उसका अतीत यूरोप के सबसे खतरनाक अपराधी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
30 साल तक पुलिस को देती रही चकमा
करीब तीन दशकों तक वह पुलिस और जांच एजेंसियों की पकड़ से दूर रही। वह यूरोपोल की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल एकमात्र महिला अपराधी मानी जाती थी। उसके दो साथी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
AI तकनीक से खुला राज, 2024 में हुई गिरफ्तारी
फरवरी 2024 में एक पत्रकार द्वारा AI फेशियल रिकग्निशन तकनीक की मदद से उसकी पहचान उजागर की गई। इसके बाद पुलिस ने बर्लिन में छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। उसके ठिकाने से हथियार, नकदी और अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद किया गया।
लंबे मुकदमे के बाद सुनाई गई सजा
करीब 14 महीने तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने उसे 13 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि वह एक संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा थी, जिसने वर्षों तक डकैती और अवैध गतिविधियों से भारी रकम जुटाई।
यह मामला यूरोप में लंबे समय तक छिपकर दोहरी जिंदगी जीने और आधुनिक तकनीक से अपराधियों की पहचान उजागर होने का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
news desk MPcg