हापुड़ में दर्दनाक हादसा: पानी समझकर युवती ने पी लिया तेजाब, हालत गंभीर; मेरठ रेफर, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

हापुड़ में दर्दनाक हादसा: पानी समझकर युवती ने पी लिया तेजाब, हालत गंभीर; मेरठ रेफर, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक स्कूल शिक्षिका ने कथित तौर पर पानी समझकर गलती से तेजाब (एसिड) पी लिया। घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और गले व मुंह में तेज जलन शुरू हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया।

घटना शुक्रवार (10 जुलाई) शाम करीब 6:30 बजे को कोतवाली हापुड़ क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित अर्जुन नगर मोहल्ले में हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गलती से पानी की जगह तेजाब की बोतल पहुंच गई थी। हालांकि, घटना कैसे हुई और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

खरीदारी के दौरान हुआ हादसा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अर्जुन नगर निवासी रिया, जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, शुक्रवार शाम मोहल्ले में स्थित सर्राफा कारोबारी अनुज की दुकान पर कुछ सामान खरीदने गई थीं। खरीदारी के दौरान उन्हें प्यास लगी तो उन्होंने पानी मांगा।

बताया जा रहा है कि दुकान से पास स्थित कान्हा कंफेक्शनरी से पानी की बोतल मंगवाई गई। जैसे ही रिया ने बोतल से पानी समझकर घूंट लिया, उन्हें गले और मुंह में तेज जलन महसूस हुई। कुछ ही क्षणों में उनकी हालत बिगड़ने लगी और वे दर्द से तड़प उठीं।

मौके पर मौजूद लोगों को जब स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ तो तुरंत परिजनों को सूचना दी गई और युवती को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।

पहले हापुड़, फिर मेरठ किया गया रेफर

परिजन युवती को तत्काल हापुड़ के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि संक्षारक पदार्थ (Corrosive Substance) के सेवन के कारण उनकी स्थिति गंभीर है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें तत्काल मेरठ के एक बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।

फिलहाल युवती का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। अस्पताल की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली हापुड़ पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित दुकानों, आसपास मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जिस बोतल से युवती ने पानी समझकर पिया, उसमें तेजाब कैसे पहुंचा।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित बोतल किसकी थी, उसमें एसिड किस उद्देश्य से रखा गया था और क्या उसे सुरक्षित तरीके से रखा गया था या नहीं।

कोतवाली प्रभारी ने क्या कहा?

कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि गलती से पानी की जगह तेजाब की बोतल आ गई थी। हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

उन्होंने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाही या मानवीय भूल? जांच से होगा खुलासा

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना केवल मानवीय भूल का परिणाम थी या रसायनों के असुरक्षित भंडारण के कारण हुई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

यदि जांच में किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

रसायन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एसिड, क्लीनिंग केमिकल या अन्य संक्षारक पदार्थों को कभी भी पानी या पेय पदार्थ की बोतलों में नहीं रखना चाहिए। ऐसे पदार्थों को मूल कंटेनर में स्पष्ट चेतावनी लेबल के साथ सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से एसिड या किसी संक्षारक पदार्थ का सेवन कर ले, तो उसे स्वयं उल्टी कराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना सबसे सुरक्षित कदम होता है।

जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कोई लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।