दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह ने किया लोकनायक जेपी के नाम पर पुस्तकालय का उद्घाटन, बोले- लाइब्रेरी ने मेरे जीवन को बदला; युवाओं के लिए बड़ा अवसर
राजधानी दिल्ली में शनिवार को युवाओं के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नाम पर बनाए गए नए पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
यह पुस्तकालय युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और पढ़ने की आदत विकसित करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना और उनके व्यक्तित्व विकास में मदद करना है।
अमित शाह ने किया उद्घाटन, सीएम रेखा गुप्ता भी रहीं मौजूद
पुस्तकालय के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि राजधानी दिल्ली के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के हाथों पुस्तकालय का उद्घाटन होना गर्व की बात है।
उन्होंने एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) की टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकालय के निर्माण में टीम ने महत्वपूर्ण मेहनत की है।
युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मिलेगा लाभ
इस पुस्तकालय को विशेष रूप से युवाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यहां छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तकालय परीक्षा की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित राजधानी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है और ऐसी सुविधाएं युवाओं को आगे बढ़ने में मदद करेंगी।
अमित शाह ने साझा किया लाइब्रेरी से जुड़ा अपना अनुभव
उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह ने पुस्तकालयों के महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी का उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है।
उन्होंने अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके कस्बे में एक पुस्तकालय था, जिससे वह जुड़े रहे और उसी ने उनके जीवन में बदलाव लाने का काम किया।
अमित शाह ने कहा कि बचपन में उन्होंने सामान्य कहानियों की किताबों से पढ़ने की शुरुआत की और धीरे-धीरे वे वेद, उपनिषद और अन्य गंभीर विषयों तक पहुंचे।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकालयों से जुड़ें और पढ़ने की आदत विकसित करें। उनके अनुसार, पढ़ने की आदत व्यक्ति के विचारों को व्यापक बनाती है और उसे सही निर्णय लेने की क्षमता देती है।
बोले- पढ़ने वाला युवा अच्छे-बुरे का चयन खुद कर सकता है
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक युवा जब पढ़ने की आदत विकसित कर लेता है तो वह जीवन में अच्छे और बुरे का अंतर समझने में सक्षम हो जाता है।
उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। युवाओं को अपनी रुचि के विषयों के अनुसार पढ़ना चाहिए ताकि उनका ज्ञान और सोच दोनों विकसित हो सकें।
उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि शहर की सभी लाइब्रेरी को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जाए, ताकि पुस्तक प्रेमियों और छात्रों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।
अपने संसदीय क्षेत्र में लाइब्रेरी अभियान का किया जिक्र
अमित शाह ने बताया कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में भी पुस्तकालयों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुस्तकालय शुरू किए गए हैं और जरूरत की किताबें उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल लाइब्रेरी वैन की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि युवाओं तक किताबों की पहुंच बढ़ाना समाज और देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को किया याद
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन और योगदान को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि जेपी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
अमित शाह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ऐसे नेता थे जिन्होंने सत्ता से ऊपर लोकतंत्र और जनता के अधिकारों को महत्व दिया।
उन्होंने कहा कि जेपी विदेश में पढ़े थे, लेकिन उनका जीवन हमेशा आम लोगों और जमीन से जुड़े मुद्दों के साथ रहा।
दिनकर और जेपी के विचारों का किया उल्लेख
गृहमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को समझने के लिए महान साहित्यकारों और विचारकों को पढ़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जब तक युवा दिनकर जैसे साहित्यकारों को नहीं पढ़ेंगे, तब तक देश की संस्कृति और विचारधारा को पूरी तरह समझना मुश्किल है।
उन्होंने युवाओं को भारतीय साहित्य, इतिहास और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी।
दिल्ली में शिक्षा और अध्ययन सुविधाओं को बढ़ावा
नया पुस्तकालय दिल्ली में युवाओं के लिए अध्ययन का एक नया केंद्र बनेगा। राजधानी में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और शांत वातावरण में अध्ययन की जरूरत महसूस करते हैं।
ऐसे में इस तरह की सुविधाएं छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि देश की प्रगति का आकलन करना हो तो युवाओं की सोच और उनकी तैयारी को देखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि किताबें केवल जानकारी का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे व्यक्ति के विचारों, व्यवहार और व्यक्तित्व को आकार देती हैं।
लोकनायक जेपी के नाम पर शुरू किया गया यह पुस्तकालय अब दिल्ली के युवाओं के लिए अध्ययन और ज्ञान का नया केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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