हरियाणा के किसानों के लिए राहत, अब 45 दिन में मिलेगी बोरवेल लगाने की अनुमति
हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी राहत का फैसला सामने आया है। अब राज्य में बोरवेल लगाने की अनुमति सिर्फ 45 दिनों के भीतर जारी कर दी जाएगी। सरकार ने इस प्रक्रिया को सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अनुमति प्रक्रिया को किया गया आसान और समयबद्ध
जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भूजल दोहन से जुड़े अनापत्ति प्रमाणपत्र और अनुमति प्रक्रिया को समयबद्ध कर दिया है। अब सभी संबंधित मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा।
45 दिन में मिलेगा बोरवेल का एनओसी
सरकारी निर्देशों के अनुसार, अगर किसी किसान को बोरवेल लगाने की अनुमति चाहिए तो उसे अधिकतम 45 दिन में एनओसी या परमिशन मिल जाएगी। इसके लिए मुख्य तकनीकी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि समय पर सभी आवेदन निपटाए जाएं।
अपील की भी व्यवस्था
यदि निर्धारित समय सीमा में अनुमति जारी नहीं होती है तो किसान पहले मुख्य जल विज्ञानी के पास अपील कर सकते हैं। इसके बाद भी समाधान न होने पर मामला मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास भेजा जाएगा।
57 हजार किसानों के लंबित कनेक्शन
प्रदेश में लगभग 57 हजार किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन अभी लंबित हैं। इस फैसले से उम्मीद है कि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा
इस कदम से हरियाणा के कृषि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
news desk MPcg