भीषण आग से दहला गाजियाबाद, रेस्क्यू ऑपरेशन में बचीं कई जिंदगियां, 3 बेजुबानों की मौत
गाजियाबाद में मंगलवार तड़के एक रिहायशी सोसाइटी के फ्लैट में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरे फ्लैट और आसपास के हिस्सों में घना धुआं भर गया, जिससे कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई। नींद में सो रहे लोगों को जब आग और धुएं का पता चला तो वे घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे। देखते ही देखते घटना की सूचना पूरे परिसर में फैल गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग तेजी से फैल रही थी और धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। कई परिवार अपने फ्लैटों में फंस गए थे और बाहर निकलने का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और एक-एक कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया।
दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ-साथ धुएं से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सभी निवासियों को बिल्डिंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और समय रहते सभी लोगों को बचा लिया गया। हालांकि, इस घटना ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया।
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि फ्लैट में मौजूद तीन पालतू कुत्तों को बचाया नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि आग से ज्यादा घातक साबित हुए धुएं के कारण उनका दम घुट गया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने अपने पालतू जानवरों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन धुएं और आग की तीव्रता के कारण उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका। पालतू कुत्तों की मौत से परिवार बेहद दुखी है और स्थानीय लोग भी इस घटना पर शोक जता रहे हैं।
घटना के बाद पूरे परिसर में सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है। दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों और आवासीय परिसरों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की जांच बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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