झांसी में रील के लिए चलती ट्रेन पर पथराव, दो युवक गिरफ्तार; बरौनी मेल पर हमला करने वाला आरोपी भी दबोचा
सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज़ पाने की होड़ अब लोगों को कानून और सुरक्षा की सीमाएं लांघने पर मजबूर कर रही है। उत्तर प्रदेश के झांसी में चलती ट्रेन पर पथराव कर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले दो युवकों को राजकीय रेल पुलिस (GRP) ने गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह खतरनाक हरकत केवल रील को वायरल करने और अधिक लाइक पाने के उद्देश्य से की थी। वहीं, एक अलग कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बरौनी मेल पर पथराव करने वाले एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
वायरल वीडियो से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह झांसी के गढ़मऊ रेलवे क्रॉसिंग के पास दो युवकों ने गुजर रही एक ट्रेन पर पत्थर फेंका। इस पूरी घटना का करीब 38 सेकंड का वीडियो बनाया गया, जिसमें एक युवक ट्रेन की ओर पत्थर फेंकता दिखाई देता है, जबकि दूसरा युवक हंसते हुए उसका वीडियो रिकॉर्ड करता नजर आता है। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला रेलवे प्रशासन और राजकीय रेल पुलिस के संज्ञान में आया। रेल पुलिस अधीक्षक (SP Rail) विपुल कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर GRP झांसी ने प्रभारी निरीक्षक रावेन्द्र कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू की। वीडियो, स्थानीय सूचना और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों युवकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में क्या बताया
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लेवा गांव निवासी अर्जुन अहिरवार और अभिषेक के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने किसी से दुश्मनी या नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर अपनी रील को वायरल करने और अधिक लाइक व व्यूज़ हासिल करने के लिए ट्रेन पर पत्थर फेंका था।
पुलिस का कहना है कि चाहे उद्देश्य कुछ भी रहा हो, लेकिन चलती ट्रेन पर पथराव यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इसे कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
यात्रियों की जान को हो सकता था खतरा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चलती ट्रेन पर फेंका गया पत्थर खिड़कियों के शीशे तोड़ सकता है, जिससे यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है। कई मामलों में ऐसी घटनाएं बड़े रेल हादसों का कारण भी बन चुकी हैं। इसलिए रेलवे प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह के खतरनाक स्टंट या गतिविधियों से बचें।
बरौनी मेल पर पथराव करने वाला आरोपी भी गिरफ्तार
इसी दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक अन्य मामले में ग्वालियर-बरौनी मेल (ट्रेन संख्या 11123) पर पथराव करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
यह घटना पिछले शनिवार मुस्तरा स्टेशन के पास हुई थी। पथराव के कारण ट्रेन के ए-1 कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। मामले की जांच के बाद RPF ने छतरपुर जिले के कटिया गांव निवासी अर्जुन पाल को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेनों में भीख मांगता था। जब यात्रियों से उसे पैसे नहीं मिलते थे, तो वह गुस्से में ट्रेन पर पत्थर फेंक देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने दी चेतावनी
रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि ट्रेन पर पथराव जैसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे और GRP ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति ट्रेन पर पथराव, खतरनाक स्टंट या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों का वीडियो बनाता या साझा करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या रेलवे अधिकारियों को दें।
सोशल मीडिया ट्रेंड बना चिंता का विषय
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में रेलवे ट्रैक, चलती ट्रेन और सार्वजनिक स्थानों पर खतरनाक स्टंट करने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। रेलवे और पुलिस समय-समय पर लोगों को जागरूक करती रही है कि ऐसे स्टंट न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि निर्दोष यात्रियों की जान भी जोखिम में डाल सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
news desk MPcg