भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 33 बोरी तरबूज के बीज से लदी पिकअप जब्त; तस्कर जवानों को देखकर नेपाल भागे
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) को बड़ी सफलता मिली है। सिद्धार्थनगर जिले के ककरहवा सीमा क्षेत्र में एसएसबी की अलीगढ़वा बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) की टीम ने एक पिकअप वाहन से 33 बोरी तरबूज के बीज बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान तस्कर सुरक्षा बल के जवानों को देखते ही वाहन मौके पर छोड़कर नेपाल की ओर फरार हो गए।
एसएसबी ने जब्त किए गए पिकअप वाहन, तरबूज के बीज और एक मोबाइल फोन को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ककरहवा कस्टम कार्यालय को सौंप दिया है। मामले में आगे की जांच कस्टम विभाग द्वारा की जा रही है।
खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, जवानों को पहले से ही विश्वसनीय मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि नेपाल की ओर से एक पिकअप वाहन में संदिग्ध सामान भारतीय सीमा में लाने की तैयारी की जा रही है।
सूचना मिलते ही अलीगढ़वा बीओपी के प्रभारी निरीक्षक राम प्रताप सिंह के नेतृत्व में विशेष गश्ती दल का गठन किया गया। टीम ने सीमा से जुड़े कर्महवा नाका क्षेत्र में घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी।
सीमा के पास दिखाई दी संदिग्ध पिकअप
कुछ देर बाद सुरक्षा बल के जवानों ने सीमा के निकट एक संदिग्ध पिकअप वाहन खड़ा देखा। वाहन के पास मौजूद कुछ लोग उसमें बोरियां लाद रहे थे। जैसे ही तस्करों की नजर एसएसबी की टीम पर पड़ी, वे वाहन वहीं छोड़कर नेपाल की दिशा में भाग निकले।
सीमा क्षेत्र और खुले भूभाग का फायदा उठाकर सभी संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहे। हालांकि, एसएसबी ने वाहन को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी शुरू की।
तलाशी में मिली 33 बोरी तरबूज के बीज
पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें 33 बोरी तरबूज के बीज बरामद हुए। इसके अलावा वाहन से एक मोबाइल फोन भी मिला, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच के बाद जब्त सामान को एसएसबी कैंप लाया गया, जहां आवश्यक दस्तावेजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
कस्टम विभाग को सौंपा गया मामला
एसएसबी ने कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त पिकअप, मोबाइल फोन और तरबूज के बीज को अग्रिम कार्रवाई के लिए ककरहवा कस्टम कार्यालय को सौंप दिया।
अब कस्टम विभाग यह जांच करेगा कि बीजों का आयात-निर्यात वैध दस्तावेजों के साथ किया जा रहा था या नहीं। साथ ही जब्त माल की कीमत, उसकी गुणवत्ता, स्रोत और गंतव्य की भी जांच की जाएगी।
सीमा पर लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी
भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर खाद्यान्न, कृषि उत्पाद, दवाइयों, उर्वरकों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ों और अन्य वस्तुओं की अवैध आवाजाही की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
इन्हें रोकने के लिए एसएसबी नियमित रूप से—
सीमा क्षेत्रों में पैदल और वाहन गश्त करती है।
खुफिया तंत्र के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है।
कस्टम, स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चलाती है।
संवेदनशील मार्गों और अनधिकृत रास्तों पर विशेष निगरानी रखती है।
तस्करों की तलाश जारी
हालांकि इस कार्रवाई में कोई तस्कर गिरफ्तार नहीं हो सका, लेकिन जब्त वाहन, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड, वाहन के स्वामित्व और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। आवश्यकता पड़ने पर नेपाल की संबंधित एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
कृषि बीजों की तस्करी क्यों है चिंता का विषय?
विशेषज्ञों के अनुसार कृषि बीजों की सीमा पार अवैध तस्करी केवल राजस्व हानि का मामला नहीं होती, बल्कि इससे कृषि सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और जैविक मानकों पर भी असर पड़ सकता है।
देश में आयातित कृषि बीजों के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों, फाइटोसैनिटरी नियमों और कस्टम प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होता है। बिना वैध अनुमति या दस्तावेजों के बीजों की आवाजाही से कृषि क्षेत्र में कई तरह के जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
सीमा सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी
एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। सुरक्षा बलों को सीमा क्षेत्र में हर संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल जब्त किए गए तरबूज के बीज, पिकअप वाहन और मोबाइल फोन को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
news desk MPcg