भोपाल में तेज रफ्तार ट्राले ने कार को मारी जोरदार टक्कर, कई बार पलटने के बाद सड़क किनारे गिरी कार; दो युवक घायल, चालक फरार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर तेज रफ्तार ने बड़ा सड़क हादसा करा दिया। एमपी नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक तेज गति से आ रहे ट्राले ने पीछे से कार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटती हुई सड़क किनारे जा गिरी। हादसे में कार सवार दो युवक घायल हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों की जान बच गई और उन्हें गंभीर चोटें नहीं आईं। दुर्घटना के बाद ट्राला चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्राला और क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
व्यापम चौराहा और 6 नंबर के बीच हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार दुर्घटना एमपी नगर थाना क्षेत्र में व्यापम चौराहा और 6 नंबर स्टॉप के बीच हुई। कार में लक्ष्मण गौड़ और उनके मित्र अनिमेष यादव सवार थे। दोनों किसी निजी कार्य से कोलार क्षेत्र की ओर जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्राले ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि कार सड़क पर कई बार पलटी और फिर सड़क किनारे जाकर रुक गई। दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा, छत और साइड का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। कई लोगों ने मिलकर पलटी हुई कार के अंदर फंसे दोनों युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम और एंबुलेंस को सूचना दी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत कार्य नहीं होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। मौके पर मौजूद लोगों ने यातायात भी नियंत्रित किया ताकि कोई दूसरा वाहन दुर्घटनाग्रस्त कार से न टकराए।
प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजे गए घायल
घायल दोनों युवकों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को शरीर पर हल्की चोटें और झटके के कारण दर्द की शिकायत थी, लेकिन किसी प्रकार की गंभीर या जानलेवा चोट नहीं पाई गई। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
ट्राला चालक मौके से फरार
दुर्घटना के तुरंत बाद ट्राला चालक वाहन को घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार ट्राले का पंजीयन नंबर RJ 01 GC 0893 है।
एमपी नगर थाना पुलिस ने ट्राले को जब्त कर लिया है और वाहन के दस्तावेजों के आधार पर उसके मालिक की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस चालक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्य भी जुटा रही है।
CCTV फुटेज से होगी पहचान
जांच अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज के आधार पर ट्राला चालक की गतिविधियों और दुर्घटना से पहले वाहन की गति का भी विश्लेषण किया जाएगा।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना के समय चालक निर्धारित गति सीमा का पालन कर रहा था या नहीं तथा कहीं चालक की लापरवाही या अन्य कारण तो दुर्घटना की वजह नहीं बने।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
कार चालक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ट्राला चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और सड़क दुर्घटना कारित करने सहित संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चालक की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसी अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज गति को लेकर गंभीर चिंता जताई। नागरिकों का कहना है कि व्यापम चौराहा, 6 नंबर स्टॉप और एमपी नगर का यह हिस्सा रात के समय भी व्यस्त रहता है, लेकिन इसके बावजूद ट्राले और ट्रक अक्सर तेज गति से गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित निगरानी की जाए तो इस तरह की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं—
रात के समय भारी वाहनों की गति सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए।
प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
ओवरस्पीडिंग करने वाले ट्रकों और ट्रालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
सीसीटीवी आधारित निगरानी और स्वचालित चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए।
दुर्घटना संभावित मार्गों पर अतिरिक्त चेतावनी संकेतक और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएं।
सड़क सुरक्षा पर फिर बढ़ी चिंता
भोपाल में हाल के वर्षों में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन कराना भी उतना ही आवश्यक है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही के लिए निर्धारित समय, गति सीमा की निगरानी और नियमित प्रवर्तन सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल एमपी नगर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फरार ट्राला चालक की तलाश जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
news desk MPcg