बिहार: मुहर्रम के लिए बनाया गया तेजस फाइटर विमान का मॉडल आग के हवाले, डेढ़ लाख की कलाकृति जलकर नष्ट; पुलिस जांच में जुटी

बिहार: मुहर्रम के लिए बनाया गया तेजस फाइटर विमान का मॉडल आग के हवाले, डेढ़ लाख की कलाकृति जलकर नष्ट; पुलिस जांच में जुटी

बिहार के सारण जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। दाउदपुर थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में मुहर्रम के अवसर पर युवाओं द्वारा तैयार किया गया भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (LCA Tejas) का आकर्षक मॉडल बुधवार देर रात आग लगने से जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने मॉडल में आग लगाई, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी आरोपी की आधिकारिक पहचान नहीं हुई है।

करीब 20 दिनों की मेहनत से तैयार हुआ था मॉडल

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के मुस्लिम समाज के युवाओं ने मुहर्रम के अवसर पर देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने के उद्देश्य से तेजस लड़ाकू विमान का एक बड़ा मॉडल तैयार किया था। इस मॉडल को बनाने में लगभग 20 दिनों का समय लगा था।

युवाओं ने बताया कि मॉडल के निर्माण में गांव के कई लोगों ने आर्थिक और श्रम सहयोग दिया था। लकड़ी, लोहे, प्लाई, फाइबर, रंग और सजावटी सामग्री का उपयोग कर इसे तैयार किया गया था।

लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत

ग्रामीणों के मुताबिक, मॉडल तैयार करने में करीब 1.5 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह राशि स्थानीय सहयोग और चंदे के माध्यम से जुटाई गई थी। मॉडल का प्रदर्शन 26 जून को निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान किया गया था, जहां इसे देखने के लिए आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेजस विमान का मॉडल केवल सजावट का हिस्सा नहीं था, बल्कि युवाओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी कौशल और राष्ट्र के प्रति सम्मान का प्रतीक था।

सुबह सामने आई घटना

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार देर रात तक मॉडल सुरक्षित था। गुरुवार सुबह लगभग 5:30 बजे जब स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उसका बड़ा हिस्सा आग से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मॉडल की जली हुई संरचना देखकर लोगों में नाराजगी और निराशा दोनों देखने को मिली।

युवाओं ने जताया आक्रोश

मॉडल तैयार करने वाले युवाओं का कहना है कि उन्होंने कई दिनों की मेहनत और सीमित संसाधनों के बावजूद इस कलाकृति को तैयार किया था। उनके अनुसार यह केवल धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं था, बल्कि गांव के युवाओं की सामूहिक भागीदारी, कला और सामाजिक एकता का प्रतीक भी था।

युवाओं ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही दाउदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है तथा घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस आग लगने के कारणों और संभावित परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि आग कैसे लगी।

यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की उपलब्धता होगी तो उनकी भी जांच की जाएगी।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना के जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाई जाए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक सहयोग की भावना को नुकसान पहुंचाती हैं।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।