जालौन में घर के बाहर सो रही महिला की सिर कुचलकर हत्या, लूट नहीं बनी वजह; बेटी के दहेज हत्या केस समेत कई एंगल पर जांच

जालौन में घर के बाहर सो रही महिला की सिर कुचलकर हत्या, लूट नहीं बनी वजह; बेटी के दहेज हत्या केस समेत कई एंगल पर जांच

जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जायघा में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब घर के बाहर चारपाई पर सो रही 50 वर्षीय महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिला। मृतका की पहचान मीना देवी, पत्नी स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत, के रूप में हुई है। उनके सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से कई वार किए गए थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला मानते हुए कई बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है।

सुबह देर तक नहीं उठीं तो हुआ हत्या का खुलासा

ग्रामीणों के अनुसार मीना देवी रोज की तरह बुधवार रात अपने घर के बाहर बने चबूतरे पर चारपाई पर सोई थीं। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे तक जब वह नहीं उठीं तो पड़ोसियों ने उन्हें आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर लोग चारपाई के पास पहुंचे, जहां उनका शव खून से लथपथ पड़ा मिला। चारपाई, बिस्तर और आसपास की जमीन पर खून फैला हुआ था। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर

सूचना मिलते ही रामपुरा थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी अम्बुज यादव, फोरेंसिक टीम तथा अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच से अनुमान है कि महिला की हत्या देर रात या मध्यरात्रि के आसपास की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सटीक समय और हत्या में प्रयुक्त हथियार को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

सोते समय किया गया हमला, बचाव का मौका नहीं मिला

घटनास्थल की स्थिति से पुलिस का मानना है कि हमलावर ने महिला पर उस समय हमला किया जब वह गहरी नींद में थीं। शव सीधी अवस्था में चारपाई पर मिला। शरीर चादर से ढका हुआ था जबकि चेहरा खुला था। एक हाथ चेहरे के पास था। इससे आशंका जताई जा रही है कि हमला अचानक हुआ और महिला को बचाव का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

महिला के सिर और चेहरे पर कई गहरे घाव पाए गए हैं। पुलिस का अनुमान है कि किसी भारी वस्तु, संभवतः पत्थर या किसी धारदार हथियार के पिछले हिस्से जैसी कठोर वस्तु से वार किए गए होंगे। हालांकि हत्या में प्रयुक्त हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है और इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी।

लूटपाट की आशंका कमजोर

जांच के दौरान पुलिस को घर का सामान पूरी तरह व्यवस्थित मिला। अलमारी या घरेलू सामान के साथ छेड़छाड़ के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले। महिला के कानों में पहने हुए कुंडल भी सुरक्षित मिले। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर लूट या चोरी की नीयत से हत्या किए जाने की संभावना को कमजोर माना है। हालांकि सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है।

अकेली रहती थीं मीना देवी

पुलिस के अनुसार मीना देवी के पति कल्लू सिंह राजावत का करीब 20 वर्ष पहले निधन हो चुका था। उनके दोनों बेटे—देवेंद्र सिंह और विकेश सिंह—गुजरात में अपने परिवार के साथ रहकर पत्थर और टाइल्स लगाने का काम करते हैं। दोनों कुछ समय पहले होली पर गांव आए थे और बाद में वापस गुजरात लौट गए थे। घटना के समय मीना देवी घर में अकेली रह रही थीं। घटना की सूचना दोनों बेटों को दे दी गई है और उनके गांव पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।

रिश्तेदारों से पूछताछ, अज्ञात के खिलाफ तहरीर

मृतका के देवर ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने पूछताछ के लिए परिवार के कुछ सदस्यों, जिनमें जेठ और देवर भी शामिल हैं, को हिरासत में लेकर बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जांच की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और फिलहाल किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

बेटी की दहेज हत्या के मुकदमे से भी जोड़ी जा रही कड़ियां

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू मृतका की बेटी की मौत से भी जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार करीब चार वर्ष पहले मीना देवी की बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद उसके ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि मीना देवी उसी मुकदमे की पैरवी कर रही थीं।

इसी कारण पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस पुराने मुकदमे या किसी अन्य व्यक्तिगत रंजिश का इस हत्या से संबंध तो नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और जांच के सभी पहलुओं पर समान रूप से काम किया जा रहा है।

पुलिस ने क्या कहा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का दावा है कि मामले के खुलासे के लिए कई टीमें विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं और उपलब्ध सभी सबूतों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया जा रहा है।

फिलहाल गांव में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।