भोपाल-नोएडा के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू, पहली फ्लाइट का वाटर कैनन सलामी से स्वागत; दिल्ली-एनसीआर और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए सीधी हवाई सेवा का शुभारंभ हो गया है। बुधवार को इंडिगो की पहली नियमित उड़ान के भोपाल पहुंचने पर एयरपोर्ट पर पारंपरिक वाटर कैनन सलामी देकर उसका स्वागत किया गया। यह नई सेवा मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहले दिन नोएडा से 41 यात्री भोपाल पहुंचे, जबकि भोपाल से 12 यात्रियों ने इस नई सेवा का उपयोग करते हुए नोएडा के लिए उड़ान भरी। हालांकि शुरुआती दिन यात्री संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ेगी।
निर्धारित समय पर संचालित होगी दैनिक उड़ान
इंडिगो द्वारा संचालित उड़ान 6ई-7653 प्रतिदिन शाम 5:20 बजे नोएडा (जेवर) से उड़ान भरकर 6:50 बजे भोपाल पहुंचती है। वापसी में उड़ान 6ई-7654 शाम 7:10 बजे भोपाल से रवाना होकर रात 9:25 बजे नोएडा पहुंचती है।
इस मार्ग पर एयरलाइन ने 72 सीटों वाले एटीआर-72 टर्बोप्रॉप विमान को तैनात किया है। यह विमान छोटी और मध्यम दूरी की क्षेत्रीय उड़ानों के लिए ईंधन दक्ष, किफायती और तेज़ टर्नअराउंड क्षमता वाला माना जाता है।
शुरुआती किराया लगभग 4,600 रुपये
एयरलाइन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस रूट पर एक तरफ का शुरुआती किराया लगभग 4,600 रुपये रखा गया है। वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, सीट उपलब्धता, मांग और बुकिंग के समय के अनुसार कम या अधिक हो सकता है।
भोपाल को मिला दिल्ली-एनसीआर का नया प्रवेश द्वार
अब तक भोपाल से दिल्ली जाने वाले अधिकांश यात्री इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से यात्रा करते थे। नई उड़ान शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और एनसीआर के पूर्वी हिस्सों तक पहुंचने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
जेवर एयरपोर्ट तक सीधी पहुंच मिलने से सड़क मार्ग पर लगने वाला अतिरिक्त समय भी कम होगा। इससे व्यापारिक यात्राओं, सरकारी बैठकों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक गतिविधियों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का भी मिलेगा लाभ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चरणबद्ध तरीके से भारत के सबसे बड़े एविएशन हब में विकसित किया जा रहा है। भविष्य में यहां से बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन प्रस्तावित है।
ऐसे में भोपाल से यात्रा करने वाले यात्री जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से देश के प्रमुख महानगरों के अलावा यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए भी आसानी से कनेक्टिंग उड़ानें प्राप्त कर सकेंगे। इससे मध्य प्रदेश के उद्योग, पर्यटन और निर्यात क्षेत्र को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल-नोएडा सीधी उड़ान केवल एक नई एयर सेवा नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने वाला कदम है।
इससे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, रक्षा उत्पादन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और आसपास के जिलों के यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
दिल्ली रूट पर बढ़े विकल्प और प्रतिस्पर्धा
नई सेवा शुरू होने के बाद भोपाल से दिल्ली-एनसीआर के लिए यात्रियों के पास पहले की तुलना में अधिक विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। वर्तमान में भोपाल और दिल्ली के बीच एयर इंडिया और इंडिगो की कई नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं।
नोएडा के लिए अलग सेवा शुरू होने से यात्रियों को अपनी मंजिल के अनुसार एयरपोर्ट चुनने की सुविधा मिलेगी। साथ ही एयरलाइनों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से भविष्य में किरायों और सेवाओं में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।
पहले दिन पारंपरिक वाटर कैनन सलामी
नई उड़ान के भोपाल पहुंचने पर एयरपोर्ट प्रशासन ने विमान का वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया। विमानन उद्योग में किसी नए मार्ग, नई एयरलाइन या विशेष उड़ान के शुभारंभ पर यह परंपरा सम्मान और स्वागत के प्रतीक के रूप में निभाई जाती है।
इस अवसर पर एयरपोर्ट अधिकारियों, एयरलाइन प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने नई सेवा के संचालन पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
क्षेत्रीय संपर्क योजना को मिलेगा बल
भोपाल-नोएडा सीधी उड़ान देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के प्रयासों को भी मजबूती देगी। इससे मध्य भारत को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के एक उभरते अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र से सीधा संपर्क मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती रही तो भविष्य में बड़े विमान तैनात किए जा सकते हैं तथा उड़ानों की आवृत्ति भी बढ़ाई जा सकती है। इससे भोपाल देश के प्रमुख विमानन नेटवर्क से और अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ सकेगा।
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