मुंबई में भारी बारिश के बीच दर्दनाक हादसा: साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, BMC की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शहर के साकीनाका इलाके में 60 वर्षीय असलम इसाक शेख खुले मैनहोल में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब इलाके में जलनिकासी व्यवस्था की सफाई और मरम्मत का कार्य चल रहा था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
दोपहर में हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:26 बजे साकीनाका के खैराणी रोड स्थित यादव नगर इलाके में हुई। असलम इसाक शेख सड़क से गुजर रहे थे। उसी दौरान सड़क पर स्थित एक मैनहोल का ढक्कन हटाकर ड्रेनेज लाइन की सफाई और मरम्मत का कार्य किया जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैनहोल खुला था और आसपास बारिश के कारण पानी भरा हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना कठिन हो गया था। इसी दौरान असलम शेख अचानक खुले मैनहोल में गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मोबाइल पर बात कर रहे थे
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हादसे के समय असलम शेख मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी में माना जा रहा है कि उनका ध्यान सड़क की ओर नहीं था और बारिश के बीच खुले मैनहोल का उन्हें अंदाजा नहीं लग सका। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है और सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों ने किया बचाव का प्रयास
मौके पर मौजूद निजी ठेका कंपनी के तीन कर्मचारी मैनहोल की सफाई कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने व्यक्ति को गिरते देखा, तुरंत सीढ़ी डालकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। लेकिन तेज बारिश के कारण ड्रेनेज सिस्टम में पानी का बहाव काफी तेज था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कर्मचारियों के हाथ केवल बुजुर्ग का छाता और चप्पल ही लग सके, जबकि तेज बहाव उन्हें बहाकर आगे ले गया। इसके बाद तत्काल पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत टीमों को सूचना दी गई।
ढाई घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमों ने ड्रेनेज नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन की।
करीब 2:15 बजे, यानी हादसे के लगभग ढाई घंटे बाद, असलम शेख का शव ड्रेनेज सिस्टम के भीतर मिला। काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मैनहोल की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कार्यस्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और सुरक्षा प्रबंध मौजूद थे या नहीं।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी या जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार बारिश बनी चुनौती
मुंबई में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर जमा पानी के कारण खुले मैनहोल, नाले और गड्ढों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मौसम में नगर निकायों के लिए ड्रेनेज सिस्टम की सफाई आवश्यक होती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन भी उतना ही जरूरी है।
दहिसर में समय रहते बची एक जान
इसी दिन मुंबई के दहिसर इलाके से राहत भरी खबर भी सामने आई। यहां एक व्यक्ति तेज बहाव वाले नाले में फंस गया था। सूचना मिलते ही दहिसर पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस के अनुसार, रास्ते में लगी लोहे की जाली बचाव कार्य में बाधा बन रही थी। पुलिसकर्मियों ने जाली को काटकर नाले में प्रवेश किया और घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता अपील
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन के उपयोग से परहेज करें, खुले नालों और मैनहोल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
मानसून में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाओं की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई जैसे महानगर में मानसून के दौरान ड्रेनेज सिस्टम पर अत्यधिक दबाव रहता है। कई बार सफाई कार्य के दौरान मैनहोल खोले जाते हैं, इसलिए बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त सुरक्षा घेरा बनाना अनिवार्य होता है। जलभराव की स्थिति में ये सुरक्षा उपाय और अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं ताकि आम नागरिक अनजाने में ऐसे हादसों का शिकार न हों।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
news desk MPcg