अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मौत के बाद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार, हजारों लोग पहुंचे; परिवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मौत के बाद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार, हजारों लोग पहुंचे; परिवार ने सीबीआई जांच की मांग उठाई

राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की मौत के बाद बुधवार को उनके पैतृक गांव भभूतिपुरा (धौलपुर) में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की मौजूदगी रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। प्रशासन की निगरानी में जेल में बंद उनके तीन भाइयों को अंतिम दर्शन के लिए विशेष अनुमति के तहत लाया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें वापस पुलिस अभिरक्षा में ले जाया गया।

भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार

जगन गुर्जर का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार रात अजमेर से धौलपुर लाया गया। बुधवार सुबह शव उनके पैतृक गांव भभूतिपुरा पहुंचा, जहां परिजनों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए।

दोपहर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र आसाराम ने मुखाग्नि दी। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

जेल से लाए गए तीनों भाई

प्रशासन की अनुमति के बाद जगन गुर्जर के तीन भाइयों पप्पू गुर्जर, पान सिंह और लाल सिंह को पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाया गया। तीनों ने श्मशान घाट पहुंचकर अपने भाई के अंतिम दर्शन किए और पारिवारिक परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्मों में भाग लिया।

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें तत्काल वापस अपनी अभिरक्षा में लेकर रवाना हो गई।

हजारों लोगों की मौजूदगी

पूर्व दस्यु रहे जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों के अलावा भरतपुर, करौली, दौसा, जयपुर, अजमेर, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। स्थानीय प्रशासन के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भी मौजूदगी रही। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बातचीत में जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर और उनके पुत्र आसाराम ने दावा किया कि यह सामान्य मृत्यु नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।

परिवार का आरोप है कि अजमेर जेल में साजिश के तहत पहले जगन गुर्जर को नशीली दवाएं दी गईं और बाद में उनकी हत्या की गई। परिवार ने जेल प्रशासन, कुछ कैदियों तथा अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों ने अभी तक इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

सीबीआई जांच की मांग

परिजनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अजमेर जेल स्थानांतरण से लेकर मृत्यु तक की पूरी घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।

परिवार का कहना है कि उन्हें राज्य एजेंसियों की जांच पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क

अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटने के लिए धौलपुर जिले के करीब एक दर्जन थानों की पुलिस, राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी), स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

तीन पुलिस उपाधीक्षक (सीओ), कई थाना प्रभारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूरे कार्यक्रम के दौरान मौके पर मौजूद रहे। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था लगातार निगरानी में रखी गई।

मौत के कारणों की जांच जारी

जगन गुर्जर की मौत के कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और जेल में मौजूद सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके संबंध में आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।

एक समय चंबल क्षेत्र का चर्चित नाम

जगन गुर्जर एक समय चंबल क्षेत्र के चर्चित दस्युओं में गिने जाते थे। बाद के वर्षों में वे विभिन्न मामलों में जेल में बंद थे। उनकी मौत के बाद एक बार फिर चंबल क्षेत्र में उनके नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की है। मामले की जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।