हिमाचल में मानसून का कहर: किन्नौर में फ्लैश फ्लड से NH-5 बंद, कई वाहन मलबे में फंसे; लाहौल-स्पीति में पुल बहने से संपर्क टूटा
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने व्यापक तबाही मचानी शुरू कर दी है। शुक्रवार तड़के किन्नौर जिले के चोलिंग (Cholling) क्षेत्र में भारी बारिश के बाद आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) मलबे से पूरी तरह बंद हो गया। सड़क पर चल रहे कई वाहन मलबे और दलदल में फंस गए, जिससे लंबा जाम लग गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चोलिंग के पास मलबे से बंद हुआ NH-5
प्रशासन के अनुसार, गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर NH-5 पर आ गिरे। इससे रिकांगपिओ से लगभग 25 किलोमीटर दूर चोलिंग के पास राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। कई छोटे-बड़े वाहन मलबे में फंस गए, हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन ने शुरू किया राहत एवं बहाली अभियान
किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि सड़क से मलबा हटाने और फंसे वाहनों को निकालने के लिए भारी मशीनरी मौके पर भेजी गई है। जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें लगातार बहाली कार्य में जुटी हैं ताकि NH-5 पर यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
लाहौल-स्पीति में जाहलमा नाला बना मुसीबत
उधर लाहौल-स्पीति जिले में जाहलमा नाला उफान पर आने से स्थिति और गंभीर हो गई। बाढ़ के कारण पहले से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाई गई अस्थायी पुलिया भी बह गई, जिससे उदयपुर उपमंडल और पांगी घाटी का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया।
इसी दौरान शेनुर गांव की एक महिला मरीज को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते कुल्लू रेफर किया गया था। एंबुलेंस जब जाहलमा नाले तक पहुंची तो पानी का बहाव अत्यधिक तेज था। ऐसे में BRO और पुलिस के जवानों ने मरीज को स्ट्रेचर सहित बैकहो लोडर (Backhoe Loader) की मदद से सुरक्षित नाला पार कराया। बाद में उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत में सुधार बताया गया है।
BRO ने बनाया अस्थायी मार्ग
सीमा सड़क संगठन ने शुक्रवार सुबह अस्थायी व्यवस्था कर यातायात बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, मई में हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण कार्य जारी है और इसे इसी महीने पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। लोगों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
राज्यभर में बारिश से बढ़ी मुश्किलें
लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें, बिजली और अन्य बुनियादी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।
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