सोनभद्र के तियरा स्टेडियम की बदलेगी तस्वीर, 6.73 करोड़ रुपये से होगा व्यापक कायाकल्प; खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं

सोनभद्र के तियरा स्टेडियम की बदलेगी तस्वीर, 6.73 करोड़ रुपये से होगा व्यापक कायाकल्प; खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में खेल अवसंरचना (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। जिले के प्रमुख तियरा स्टेडियम के व्यापक जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण के लिए 6.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे जिले के हजारों खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुरक्षित खेल वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि तियरा स्टेडियम के आधुनिकीकरण से न केवल खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर संसाधन मिलेंगे, बल्कि भविष्य में यहां जिला, मंडल और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि स्टेडियम के विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर खेल निदेशालय को भेज दी गई है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। योजना का उद्देश्य खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जो वर्तमान खेल मानकों के अनुरूप हों और उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद करें।

प्रशासन के अनुसार, लंबे समय से स्टेडियम के कई हिस्सों में मरम्मत और आधुनिकीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक विकास योजना तैयार की गई है।

इन कार्यों पर खर्च होंगे 6.73 करोड़ रुपये

प्रस्तावित परियोजना के तहत स्टेडियम के लगभग हर महत्वपूर्ण हिस्से का उन्नयन किया जाएगा। इसमें शामिल प्रमुख कार्य हैं—

पवेलियन भवन का व्यापक जीर्णोद्धार और संरचनात्मक मजबूती।
क्षतिग्रस्त छतों की मरम्मत एवं जलरोधक (वॉटरप्रूफिंग) कार्य।
वॉलीबॉल कोर्ट का आधुनिकीकरण, नई फेंसिंग और सिंथेटिक फ्लोरिंग।
स्टेडियम की बाउंड्री वॉल को सुरक्षित बनाने के लिए कंटीले तारों की फेंसिंग।
दर्शक दीर्घा (गैलरी) का सुदृढ़ीकरण और मरम्मत।
खिलाड़ियों के छात्रावास का रंग-रोगन एवं आवश्यक मरम्मत।
दर्शकों और खिलाड़ियों के लिए बेहतर बैठने एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास।
खिलाड़ियों के लिए आवश्यक फर्नीचर और खेल संबंधी आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था।
पूरे परिसर में आधुनिक जल निकासी (ड्रेनेज) प्रणाली का निर्माण।
वर्षा जल संरक्षण (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) प्रणाली की स्थापना।
हॉकी खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सिंथेटिक हॉकी टर्फ का निर्माण।
हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विश्वस्तरीय सिंथेटिक हॉकी टर्फ का निर्माण है। वर्तमान समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अधिकांश हॉकी प्रतियोगिताएं सिंथेटिक टर्फ पर आयोजित होती हैं। ऐसे में स्थानीय खिलाड़ियों को इसी प्रकार की सतह पर अभ्यास का अवसर मिलेगा, जिससे उनके खेल कौशल और प्रतियोगी प्रदर्शन में सुधार होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक टर्फ उपलब्ध होने से जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़े शहरों या अन्य राज्यों में प्रशिक्षण के लिए कम जाना पड़ेगा।

खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं

स्टेडियम के आधुनिकीकरण के बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित और बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा। बेहतर मैदान, आधुनिक खेल सतह, मजबूत पवेलियन, उन्नत जल निकासी व्यवस्था और व्यवस्थित छात्रावास जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

इसके साथ ही प्रशिक्षकों और खेल विभाग को भी प्रशिक्षण शिविर, चयन प्रतियोगिताएं और विभिन्न खेल आयोजनों के संचालन में सुविधा मिलेगी।

जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को मिलेगा बढ़ावा

तियरा स्टेडियम के आधुनिक बनने के बाद यहां जिला, मंडल और राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को अपने जिले में बड़े टूर्नामेंट खेलने का अवसर मिलेगा, बल्कि खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंच सकता है।

खेल विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में मजबूत खेल अवसंरचना नई प्रतिभाओं को सामने लाने और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

सोनभद्र जैसे जनपदों में आधुनिक खेल सुविधाओं की उपलब्धता युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में भी सहायक होगी। बेहतर स्टेडियम बनने से विभिन्न खेलों के नियमित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और प्रतिभा खोज कार्यक्रमों का आयोजन आसान होगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा।

बजट स्वीकृति के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य

फिलहाल परियोजना उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के पास विचाराधीन है। बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि परियोजना पूरी होने के बाद तियरा स्टेडियम पूर्वांचल के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो सकता है और आने वाले वर्षों में जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।