वैभव सूर्यवंशी पर एबी डिविलियर्स का बड़ा बयान, बोले- 'आयरलैंड सीरीज डेब्यू के लिए सबसे सही मौका था'
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक पदार्पण का मौका नहीं मिलने पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने खुलकर अपनी राय रखी है। डिविलियर्स का मानना है कि आईपीएल में वैभव के शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया की टी-20 श्रृंखला में मौका मिलना चाहिए था।
हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान डिविलियर्स ने भारतीय टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ियों के साथ हमेशा पारंपरिक चयन प्रक्रिया लागू करना जरूरी नहीं होता। उनके अनुसार, जब कोई खिलाड़ी घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुका हो, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जल्द अवसर मिलना चाहिए।
आईपीएल प्रदर्शन के बाद बढ़ी थीं उम्मीदें
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, आक्रामक स्ट्रोक प्ले और दबाव में रन बनाने की क्षमता से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनके प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि उन्हें जल्द ही भारतीय टीम में पदार्पण का अवसर मिलेगा।
हालांकि चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम के साथ बनाए रखा, लेकिन अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। इसके बाद से लगातार यह बहस जारी है कि युवा खिलाड़ी को जल्द मौका दिया जाए या पहले उसे टीम के माहौल में और अनुभव हासिल करने दिया जाए।
भारतीय टीम प्रबंधन की दलील से असहमति
भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने हाल ही में कहा था कि वैभव को भी अन्य खिलाड़ियों की तरह चयन और तैयारी की सामान्य प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डिविलियर्स ने कहा कि वह इस सोच से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि,
"मेरे हिसाब से आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला वैभव के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के लिए सबसे उपयुक्त अवसर थी। उन्होंने आईपीएल में जिस स्तर का प्रदर्शन किया, उसके बाद उन्हें मौका मिलना चाहिए था। हर खिलाड़ी का विकास एक जैसा नहीं होता। कुछ प्रतिभाएं ऐसी होती हैं जिन्हें सही समय पर आगे बढ़ाना जरूरी होता है।"
आयरलैंड जैसी श्रृंखला क्यों थी बेहतर मौका?
डिविलियर्स का मानना है कि अपेक्षाकृत कम दबाव वाली द्विपक्षीय श्रृंखलाएं युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से परिचित कराने के लिए सबसे उपयुक्त मंच होती हैं। ऐसे मुकाबलों में खिलाड़ी बिना अत्यधिक दबाव के अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव हासिल कर सकते हैं और भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकते हैं।
इंग्लैंड दौरे पर संघर्ष कर रही है नई टीम इंडिया
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई भारतीय टी-20 टीम का प्रदर्शन फिलहाल उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला में भारत को हार का सामना करना पड़ा, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20 मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया। ऐसे में टीम संयोजन और युवा खिलाड़ियों को अवसर देने को लेकर लगातार चर्चा जारी है।
डिविलियर्स ने भारतीय टीम को सलाह देते हुए कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में सफल होने के लिए अलग रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने कहा,
"इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यहां आईपीएल जैसी 250 या 260 रन वाली पिचें नहीं मिलतीं। कई बार 140 से 160 रन का स्कोर भी मैच जिताने के लिए पर्याप्त होता है। टीम को परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।"
चयन नीति पर जारी है बहस
वैभव सूर्यवंशी को लेकर फिलहाल दो अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक वर्ग का मानना है कि युवा प्रतिभा को जल्द अंतरराष्ट्रीय मंच मिलना चाहिए, जबकि दूसरा पक्ष मानता है कि जल्दबाजी खिलाड़ी के विकास पर असर डाल सकती है।
हालांकि अंतिम फैसला भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति के हाथ में है, लेकिन एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज क्रिकेटर का सार्वजनिक समर्थन निश्चित रूप से इस बहस को और तेज कर सकता है। अब सभी की निगाहें आगामी टी-20 मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारतीय टीम की अंतिम एकादश में जगह मिलती है या नहीं।
news desk MPcg