देशभर में मानसून का असर तेज: महाराष्ट्र में जलभराव, गुजरात में बाढ़ से 19 लोगों का रेस्क्यू, मध्य प्रदेश में युवक बहा, जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से सड़क बंद

देशभर में मानसून का असर तेज: महाराष्ट्र में जलभराव, गुजरात में बाढ़ से 19 लोगों का रेस्क्यू, मध्य प्रदेश में युवक बहा, जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से सड़क बंद

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब लगभग पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है और अधिकांश राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव, बाढ़ जैसे हालात, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने से प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने पड़े हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून अगले 24 घंटों में देश के शेष हिस्सों को भी कवर कर सकता है। कई राज्यों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं तथा लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

महाराष्ट्र: भिवंडी और नवी मुंबई में जलभराव, बाजार बंद

महाराष्ट्र में लगातार बारिश के चलते कई शहरों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। ठाणे जिले के भिवंडी में बाजार क्षेत्र में लगभग तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे अधिकांश दुकानों को बंद करना पड़ा। कई इलाकों में लोग कमर तक पानी में होकर आवाजाही करते दिखाई दिए।

नवी मुंबई की सब्जी मंडी और आसपास के क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कई रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक परिसरों में पानी घुस गया। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वसई-विरार क्षेत्र में भी कई आवासीय सोसायटियों, अस्पतालों और दुकानों में पानी भरने की सूचना है। वहीं कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हुए।

गुजरात: बाढ़ जैसे हालात, 19 लोगों का सफल रेस्क्यू

गुजरात के जूनागढ़ जिले के मेंडरडा क्षेत्र स्थित समधियाला गांव के पास भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। बाढ़ के पानी में एक चार पहिया वाहन, ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहन फंस गए, जिनमें सवार 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

राजकोट, गिर सोमनाथ, मालिया हतिना और दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मेघल नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी भर गया।

वेरावल बंदरगाह पर चेतावनी

गिर सोमनाथ जिले के वेरावल बंदरगाह पर खराब मौसम को देखते हुए लोकल कॉशनरी सिग्नल नंबर-3 (LC-III) जारी किया गया है। इसका अर्थ है कि समुद्र में तेज हवाएं, ऊंची लहरें और खराब समुद्री परिस्थितियां बन सकती हैं। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

मध्य प्रदेश: उज्जैन में युवक बहा, कई जिलों में रेड अलर्ट

मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, डिंडौरी, खंडवा, बड़वानी सहित 26 से अधिक जिलों में शुक्रवार से लगातार बारिश जारी है।

उज्जैन में एक युवक पुलिया पार करने का प्रयास करते समय मोटरसाइकिल समेत तेज बहाव में बह गया। स्थानीय प्रशासन और राहत दल उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।

डिंडौरी जिले में एक कार नदी पार करते समय पानी के तेज बहाव में बह गई। हालांकि समय रहते वाहन सवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

मौसम विभाग ने खंडवा और बड़वानी में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में इन क्षेत्रों में 200 मिमी (लगभग 8 इंच) तक वर्षा होने की आशंका व्यक्त की गई है।

उत्तर प्रदेश: कानपुर में 15 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। राज्य के लगभग 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

कानपुर में 3 जुलाई को 108 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो जुलाई महीने में पिछले 15 वर्षों की सर्वाधिक दैनिक वर्षा बताई जा रही है। इससे पहले 1 जुलाई 2011 को 101 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी।

लगातार बारिश के कारण:

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव हो गया।
कई कारें और दोपहिया वाहन पानी में आधे तक डूब गए।
शहर की कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं।
यातायात प्रभावित रहा।

मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 28 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

राजस्थान: अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में घुसा पानी

राजस्थान में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक राज्य के 22 जिलों को कवर कर चुका है।

जयपुर में भारी बारिश के बाद सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के माइनर ऑपरेशन थिएटर में पानी भर गया, जिसके चलते मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक पूरे राज्य में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

जम्मू-कश्मीर: भूस्खलन से रामनगर-उधमपुर मार्ग बंद

जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा क्षेत्र में बड़ा भूस्खलन हुआ।

सड़क पर बड़े पत्थर और मलबा आने से मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन सड़क साफ कराने और यातायात बहाल करने में जुटा है।

पंजाब: गुरदासपुर में सर्वाधिक वर्षा

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान गुरदासपुर में 48.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही।

मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

बिहार: सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश

बिहार में मानसून पहुंचने के बावजूद अपेक्षित वर्षा नहीं हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार अब तक राज्य में सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

सामान्य वर्षा: लगभग 196.1 मिमी
वास्तविक वर्षा: लगभग 98.4 मिमी

5 जुलाई के बाद वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश: सामान्य से 106% अधिक बारिश

हिमाचल प्रदेश में 1 से 3 जुलाई के बीच सामान्य से 106 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में वर्षा की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। सोलन और सिरमौर सहित कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है।

उत्तराखंड: चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

उत्तराखंड के पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्गों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।

मौसम विभाग की प्रमुख चेतावनियां

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार—

मानसून अगले 24 घंटों में पूरे देश को कवर कर सकता है।
पश्चिमी भारत और मध्य भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है।
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटे संवेदनशील रहेंगे।
पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
समुद्री तटों पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील

राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—

जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें।
उफनते नालों, पुलों और नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन विभाग से तत्काल संपर्क करें।

देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय है। जहां बारिश से गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा ने बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में सतर्कता और समय पर प्रशासनिक तैयारी बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।