दिल्ली पुलिस ने तांबे के तार चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल की जगह वॉकी-टॉकी से करते थे संपर्क

दिल्ली पुलिस ने तांबे के तार चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल की जगह वॉकी-टॉकी से करते थे संपर्क

दक्षिणी दिल्ली के महरौली थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में बिजली की दुकानों को निशाना बनाकर तांबे के तार (Copper Wire) चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी किए गए तांबे के तार, लगभग 3.99 लाख रुपये नकद, दो कारें, एक स्कूटर, फर्जी नंबर प्लेटें, वॉकी-टॉकी सेट, इंटरनेट डोंगल तथा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में दर्ज चोरी के 18 मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्य अकबर की तलाश में जुटी है।

कैसे हुआ पूरे गिरोह का खुलासा?

दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) अनंत मित्तल के अनुसार, 12 और 13 मई 2026 की दरम्यानी रात महरौली क्षेत्र के इग्नू रोड स्थित एक बिजली की दुकान का शटर तोड़कर चोर तांबे के तारों के कई बंडल और नकदी लेकर फरार हो गए थे।

घटना के बाद महरौली थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एएसआई पंकज राजोरा, हेड कांस्टेबल राजू सैनी, हेड कांस्टेबल सतीश और कांस्टेबल राहुल पंवार को शामिल किया गया। जांच की निगरानी थाना प्रभारी रितेश शर्मा तथा एसीपी महरौली सोमनाथ परुथी ने की।

CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से मिला अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया। साथ ही तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को सक्रिय किया गया।

पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी की वारदातों के लिए नकली रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगी स्कोडा फैबिया कार का इस्तेमाल करते थे। वाहन की गतिविधियों और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पहले सोनू गिरफ्तार, फिर खुला पूरे नेटवर्क का राज

लगातार निगरानी के दौरान पुलिस ने आरोपी सोनू को एक स्विफ्ट डिजायर कार के साथ पकड़ा। तलाशी में उसके कब्जे से चोरी किए गए तांबे के तारों के 22 बंडल और दुकानों के शटर तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले दो सब्बल (लोहे की छड़ें) बरामद हुईं।

पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरिफ और चांद को गिरफ्तार किया। आगे की जांच में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड अयूब और उसके साथी उबैस को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

मोबाइल फोन से बचते थे, वॉकी-टॉकी से करते थे बातचीत

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे जानबूझकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि मोबाइल कॉल और लोकेशन के जरिए पुलिस आसानी से उनकी गतिविधियों का पता लगा सकती है।

इसके बजाय गिरोह आपसी संपर्क के लिए वॉकी-टॉकी सेट और इंटरनेट डोंगल का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, यह तरीका अपनाकर आरोपी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से बचने की कोशिश करते थे।

रात के समय बिजली की दुकानों को बनाते थे निशाना

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह देर रात उन दुकानों की रेकी करता था जहां बड़ी मात्रा में तांबे के तार और बिजली का सामान रखा होता था।

वारदात के दौरान आरोपी—

पहले दुकान की निगरानी करते थे।
सुनसान समय का इंतजार करते थे।
सब्बल की मदद से शटर तोड़ते थे।
तांबे के तार और अन्य कीमती सामान वाहन में लादकर फरार हो जाते थे।
चोरी का सामान कबाड़ी या अन्य चैनलों के माध्यम से बेचकर नकदी हासिल करते थे।

पुलिस के अनुसार चोरी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल आरोपी वाहन खरीदने और अपने नेटवर्क को मजबूत करने में करते थे।

दिल्ली-एनसीआर के 18 मामलों का खुलासा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच में गिरोह की संलिप्तता दिल्ली-एनसीआर में दर्ज कम से कम 18 चोरी के मामलों में सामने आई है। इन मामलों में मुख्य रूप से बिजली की दुकानों से तांबे के तार और अन्य महंगे विद्युत उपकरण चोरी किए गए थे।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या गिरोह अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहा है।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं—

चांद (30 वर्ष), निवासी न्यू विकास नगर, लोनी (उत्तर प्रदेश)
आरिफ (26 वर्ष), निवासी न्यू विकास नगर, लोनी (उत्तर प्रदेश)
सोनू (32 वर्ष), निवासी खेड़ा, शाहदरा (दिल्ली)
अयूब (34 वर्ष), निवासी अमन विहार, न्यू विकास नगर, लोनी (उत्तर प्रदेश) – पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं।
उबैस (26 वर्ष), निवासी बृजपुरी (दिल्ली) – इसके खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है।

पुलिस के अनुसार, इन सभी आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है।

आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है—

24 बंडल चोरी किए गए तांबे के तार
₹3,98,915 नकद
स्विफ्ट डिजायर कार
स्कोडा फैबिया कार
सुजुकी एक्सेस स्कूटर
तीन फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट
दो वॉकी-टॉकी सेट
एक एयरटेल इंटरनेट डोंगल
दो सब्बल (लोहे की छड़ें)
पांच मंकी कैप

पुलिस का मानना है कि इन वस्तुओं का इस्तेमाल चोरी की योजना बनाने और वारदात को अंजाम देने में किया जाता था।

फरार आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य अकबर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह के संपर्क अन्य राज्यों के अपराधियों से तो नहीं हैं।

पुलिस की आगे की जांच

दिल्ली पुलिस अब चोरी के सामान की खरीद-बिक्री करने वाले संभावित रिसीवर (Receivers), कबाड़ी नेटवर्क और गिरोह की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा बरामद वाहनों, फर्जी नंबर प्लेटों और संचार उपकरणों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा किया जा सके।

(यह समाचार दिल्ली पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है।)