राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 2 करोड़ में 20 बीघा जमीन खरीदने की तैयारी में था आरोपी अनुकल्प मिश्र, जांच में संपत्तियों और लग्जरी खरीदारी के सुराग
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्र कथित तौर पर मंदिर के दानपात्रों से चोरी की गई रकम का इस्तेमाल कर अपने गांव के पास लगभग 20 बीघा जमीन खरीदने की तैयारी कर रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस जमीन का सौदा करीब 2 करोड़ रुपये में तय किया गया था, लेकिन सौदा पूरा होने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह जानकारी पुलिस पूछताछ, संपत्तियों की जांच और आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में चलने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
2 करोड़ रुपये में तय हुआ था जमीन का सौदा
जांच में सामने आया है कि अनुकल्प मिश्र अपने पैतृक गांव बसावां (मिल्कीपुर क्षेत्र) के आसपास एक ही स्थान पर लगभग 20 बीघा कृषि भूमि खरीदना चाहता था। बताया जा रहा है कि उसने स्थानीय प्रॉपर्टी डीलरों से कई दौर की बातचीत की थी और करीब 2 करोड़ रुपये में जमीन खरीदने का समझौता लगभग तय हो चुका था।
सूत्रों के अनुसार, उसकी प्राथमिकता 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के किनारे स्थित जमीन थी। उसका मानना था कि धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से भविष्य में इस क्षेत्र की जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ेगी। इसी कारण उसने प्रॉपर्टी डीलरों से स्पष्ट कहा था कि जमीन परिक्रमा मार्ग के आसपास ही हो, चाहे कीमत कुछ भी चुकानी पड़े।
लग्जरी वाहन खरीदने की भी थी तैयारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अनुकल्प मिश्र केवल जमीन ही नहीं खरीद रहा था, बल्कि अपनी जीवनशैली भी तेजी से बदल रहा था। जांच अधिकारियों के अनुसार—
उसने करीब दो महीने पहले एक नई मारुति स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी।
इसके अलावा वह महिंद्रा स्कॉर्पियो खरीदने की तैयारी में था।
बताया जा रहा है कि उसने संबंधित शोरूम संचालक से जल्द बुकिंग कराने की भी बात कही थी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया गया धन किस स्रोत से आया।
पिता से पूछताछ में मिले अहम सुराग
अनुकल्प मिश्र के पिता रवींद्र मिश्र से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच टीम अब परिवार से जुड़ी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, अंबेडकरनगर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ संपत्तियों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिनकी खरीद के स्रोत की जांच की जा रही है।
अप्रैल में कराई थी भागवत कथा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अप्रैल 2026 में अनुकल्प मिश्र ने अपने गांव में भागवत कथा का आयोजन कराया था। इसी दौरान कई स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर उससे मिले थे और जमीन खरीदने को लेकर बातचीत हुई थी।
बताया जा रहा है कि वह अलग-अलग टुकड़ों में जमीन खरीदने के बजाय एक ही स्थान पर बड़ी जमीन लेना चाहता था। इसी वजह से सौदा अंतिम रूप लेने में कुछ समय लग रहा था।
84 कोसी परिक्रमा मार्ग के कारण बढ़ी थी जमीन की मांग
जांच में यह भी सामने आया है कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण के बाद आसपास की जमीनों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई। धार्मिक पर्यटन बढ़ने की संभावना को देखते हुए कई निवेशक इस क्षेत्र में जमीन खरीद रहे थे। पुलिस का मानना है कि अनुकल्प मिश्र भी इसी संभावित लाभ को देखते हुए बड़ी जमीन में निवेश करना चाहता था।
5 जून को सामने आया था चढ़ावा चोरी का मामला
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला पहली बार 5 जून 2026 को सार्वजनिक हुआ। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट ने आंतरिक जांच शुरू की और बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
SIT ने प्रारंभिक जांच के बाद कई लोगों से पूछताछ की और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और खर्च के पैटर्न की भी पड़ताल कर रही हैं।
अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच
पुलिस का कहना है कि केवल अनुकल्प मिश्र ही नहीं, बल्कि मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों द्वारा भी कथित रूप से चोरी के धन से जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदे जाने की आशंका है। इसी कारण सभी आरोपियों के आर्थिक लेन-देन की फॉरेंसिक और वित्तीय जांच जारी है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि संपत्तियां अवैध धन से खरीदी गई हैं, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
ट्रस्ट की बैठक पर भी नजर
इस पूरे प्रकरण के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैठक में ट्रस्ट के कामकाज, जांच की प्रगति और अन्य प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की जानी है। कुछ रिपोर्टों में ट्रस्ट पदाधिकारियों को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं, हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच अभी जारी
पुलिस और SIT दोनों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। अब तक सामने आई जानकारियां जांच और पूछताछ के आधार पर हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और संभावित अन्य लाभार्थियों की भी जांच कर रही हैं।
news desk MPcg