वाराणसी दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी: 105 मकान पूरी तरह ध्वस्त, 181 भवन और 6 धार्मिक स्थल परियोजना की जद में

वाराणसी दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी: 105 मकान पूरी तरह ध्वस्त, 181 भवन और 6 धार्मिक स्थल परियोजना की जद में

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बहुप्रतीक्षित दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD), वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई के तहत सड़क की जद में आने वाले भवनों को हटाने का अभियान युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 105 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 80 से अधिक भवनों का मलबा हटाकर जमीन समतल भी कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य मानसून के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसलिए बाधाओं को जल्द से जल्द हटाया जा रहा है।

181 भवन और 6 धार्मिक स्थल परियोजना की जद में

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में कुल 181 भवन और 6 धार्मिक स्थल आए हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की इमारतें शामिल हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों का अधिग्रहण और मुआवजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हीं पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ध्वस्तीकरण अभियान पुलिस बल की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है।

कई विभाग मिलकर चला रहे अभियान

परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए कई सरकारी विभाग एक साथ काम कर रहे हैं। इसमें जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, वाराणसी विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें शामिल हैं।

भवनों को हटाने के लिए बुलडोजर, पोकलेन मशीनें और अन्य भारी उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही लगभग 200 मजदूर विभिन्न पालियों में लगातार काम कर रहे हैं, ताकि ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का कार्य समानांतर रूप से चलता रहे।

प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली मलबा हटाया जा रहा

अधिकारियों के अनुसार ध्वस्तीकरण के बाद निर्माण कार्य में देरी न हो, इसके लिए मलबा तत्काल हटाया जा रहा है।

प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली मलबा निकाला जा रहा है।
प्रत्येक ध्वस्त भवन से औसतन 4 से 5 टन मलबा निकल रहा है।
अब तक 80 से अधिक स्थानों पर जमीन समतल की जा चुकी है।

इससे सड़क निर्माण के अगले चरण का रास्ता तेजी से साफ हो रहा है।

मस्जिद समितियां भी हटा रही हैं प्रभावित हिस्से

इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि कुछ धार्मिक स्थलों के प्रबंधन ने प्रशासन के साथ सहमति बनाकर स्वयं प्रभावित हिस्सों को हटाने का निर्णय लिया।

1 जुलाई से पांच मस्जिदों—

करीमुल्ला बेग मस्जिद
निसारन मस्जिद
अली रजा खान मस्जिद
संगमरमर मस्जिद
रंगीले शाह मस्जिद

की प्रबंधन समितियां अपने स्तर पर मजदूर लगाकर सड़क की सीमा में आने वाले हिस्सों को हटाने का कार्य कर रही हैं।

वहीं 3 जुलाई से वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) सात अन्य भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जुटा हुआ है।

मानसून से पहले सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने की तैयारी

प्रशासन का उद्देश्य है कि बारिश का मौसम पूरी तरह सक्रिय होने से पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक सभी अवरोध हटा दिए जाएं। अधिकारियों का मानना है कि यदि ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का कार्य समय पर पूरा हो जाता है तो निर्माण कार्य बिना अधिक व्यवधान के आगे बढ़ सकेगा।

इसी कारण ध्वस्तीकरण, मलबा हटाने और भूमि समतलीकरण तीनों कार्य एक साथ किए जा रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है दालमंडी सड़क चौड़ीकरण?

दालमंडी वाराणसी के सबसे पुराने और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले व्यापारिक क्षेत्रों में से एक है। संकरी सड़कें, भारी यातायात और बड़ी संख्या में पैदल यात्रियों के कारण यहां लंबे समय से जाम की समस्या बनी रहती है।

सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद—

यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही आसान होगी।
स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा।
प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की

जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे विकास परियोजना में सहयोग करें और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करना और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के तहत की जा रही है। परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि सड़क निर्माण का कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।