इंदौर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई पहुंचा उपभोक्ता; एक महीने से नहीं हुई सुनवाई

इंदौर में गैस सिलेंडर से निकला पानी, शिकायत लेकर कलेक्टर जनसुनवाई पहुंचा उपभोक्ता; एक महीने से नहीं हुई सुनवाई

शिव छाया गैस एजेंसी से मिले सिलेंडर में गैस की जगह पानी निकलने का आरोप, कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश

इंदौर में मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने घरेलू गैस सिलेंडर की गुणवत्ता और उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे पर सवाल खड़े कर दिए। एक उपभोक्ता गैस सिलेंडर में गैस की जगह पानी निकलने की शिकायत लेकर सिलेंडर सहित कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया।

हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते कलेक्टर कार्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने उपभोक्ता को सिलेंडर के साथ परिसर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उपभोक्ता ने अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी राजेंद्र सिंह करोले ने जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें घरेलू उपयोग के लिए मिला गैस सिलेंडर सही नहीं था।

राजेंद्र सिंह के मुताबिक, उन्हें 2 जून को शिव छाया गैस एजेंसी से घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिली थी।

जब उन्होंने घर पर सिलेंडर का इस्तेमाल शुरू किया तो उन्हें संदेह हुआ कि सिलेंडर में सामान्य तरीके से गैस नहीं आ रही है। जांच करने पर कथित तौर पर उसमें से गैस की जगह पानी निकलने लगा।

इसके बाद उन्होंने तुरंत गैस एजेंसी से संपर्क कर शिकायत की, लेकिन उनका कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।

एक महीने से लगा रहे थे गैस एजेंसी के चक्कर

राजेंद्र सिंह का आरोप है कि शिकायत करने के बाद गैस एजेंसी की ओर से उन्हें केवल आश्वासन दिए जाते रहे।

उन्होंने बताया कि—

सिलेंडर को बदला नहीं गया।
समस्या की सही जांच नहीं की गई।
कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया।

लगातार कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर वह अपनी शिकायत सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे।

सिलेंडर लेकर पहुंचे तो सुरक्षा कारणों से रोका गया

राजेंद्र सिंह अपनी शिकायत को साबित करने के लिए गैस सिलेंडर भी साथ लेकर पहुंचे थे।

लेकिन कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें सिलेंडर के साथ अंदर जाने से रोक दिया गया।

इसके बाद उन्होंने कार्यालय के बाहर अधिकारियों को बताया कि सिलेंडर से किस तरह पानी निकल रहा है और फिर लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
शिकायत में सच्चाई सामने लाई जाए।
दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए।
यदि अन्य गैस एजेंसियों से भी ऐसी शिकायतें सामने आती हैं तो उनकी भी जांच की जाए।
गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा

प्रशासन अब गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और उपभोक्ता शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया की समीक्षा करेगा।

अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को सही गुणवत्ता वाला सिलेंडर मिले और शिकायतों का समय पर समाधान हो।

घरेलू गैस सिलेंडर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मानी जाती है।

जनसुनवाई में सामने आए अन्य संवेदनशील मामले

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान केवल गैस सिलेंडर की शिकायत ही नहीं, बल्कि कई अन्य मानवीय मामले भी सामने आए।

प्रशासन ने इन मामलों में भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

अनाथ बच्चियों की फीस माफ कराने के निर्देश

जनसुनवाई में एक बुजुर्ग महिला अपनी तीन नातिनों के साथ पहुंची।

महिला ने बताया कि बच्चियों के माता-पिता का निधन हो चुका है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह उनकी स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रही हैं।

मामले को संवेदनशील मानते हुए कलेक्टर ने बच्चियों की फीस माफ कराने और उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

दिव्यांग बच्चे को मिलेगी 18 हजार रुपये की सहायता

एक अन्य मामले में एक दिव्यांग बच्चे के पिता ने आर्थिक परेशानी बताते हुए सहायता की मांग की।

उन्होंने बताया कि बच्चा सुनने में असमर्थ है और उसके श्रवण यंत्र की बैटरी बदलवाने के लिए आर्थिक समस्या आ रही है।

कलेक्टर ने तत्काल 18 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चे को जरूरी सुविधा मिल सके।

वात्सल्य योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत पर राहत

जनसुनवाई में एक महिला ने शिकायत की कि पिछले एक साल से उसके बच्चों के खाते में वात्सल्य योजना की राशि जमा नहीं हो रही है।

महिला ने बताया कि उसके परिवार में एक बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित है, जिसके कारण परिवार को अतिरिक्त आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान

कलेक्टर जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना और उनका समाधान करना है।

इंदौर प्रशासन का कहना है कि जनता से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जा रहा है और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों का जल्द निराकरण किया जाए।

गैस सिलेंडर मामले में अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सिलेंडर में पानी आने की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

मुख्य बिंदु
स्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश
शिकायतकर्ता: राजेंद्र सिंह करोले
गैस एजेंसी: शिव छाया गैस एजेंसी
डिलीवरी तारीख: 2 जून
आरोप: गैस सिलेंडर से गैस की जगह पानी निकलना
कार्रवाई: कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए
अन्य सहायता: अनाथ बच्चियों की फीस, दिव्यांग बच्चे और वात्सल्य योजना मामले में राहत