डांसिंग गर्ल विवाद पर एनसीईआरटी का स्पष्टीकरण: चित्र को ‘प्रारंभिक त्रुटि’ बताया, डिजिटल संस्करण में सुधार शुरू

डांसिंग गर्ल विवाद पर एनसीईआरटी का स्पष्टीकरण: चित्र को ‘प्रारंभिक त्रुटि’ बताया, डिजिटल संस्करण में सुधार शुरू

 सिंधु घाटी सभ्यता की विश्वप्रसिद्ध कांस्य मूर्ति ‘डांसिंग गर्ल’ को लेकर एनसीईआरटी की कक्षा 9 की कला पुस्तक ‘मधुरिमा’ में किए गए चित्र संशोधन पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मामला सामने आने के बाद एनसीईआरटी ने इसे “प्रारंभिक प्रकाशन त्रुटि” बताया है और कहा है कि डिजिटल संस्करण में मूल चित्र को अपडेट किया जा रहा है, जबकि आगामी मुद्रित संस्करणों में भी प्रामाणिक चित्र ही शामिल किया जाएगा। संस्थान ने यह भी कहा है कि भविष्य में शैक्षणिक सामग्री की जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त किया जाएगा।

विवाद की पृष्ठभूमि: यह विवाद तब शुरू हुआ जब कक्षा 9 की पुस्तक में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर में मूर्ति के ऊपरी हिस्से को शेडिंग के जरिए ढका हुआ दिखाया गया। इसके बाद इतिहासकारों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि यह बदलाव मूल ऐतिहासिक कलाकृति के स्वरूप को बदल देता है। उनका तर्क है कि इससे छात्रों को गलत ऐतिहासिक समझ मिल सकती है।

एनसीईआरटी का पक्ष: एनसीईआरटी के अनुसार यह बदलाव जानबूझकर नहीं किया गया था, बल्कि प्रकाशन प्रक्रिया के दौरान हुई प्रस्तुति संबंधी गलती थी। संस्थान ने स्पष्ट किया कि डिजिटल माध्यम में अब सही और मूल छवि को अपडेट किया जा रहा है तथा प्रिंट संस्करणों में भी सुधार किया जाएगा। साथ ही सभी पाठ्यपुस्तकों की सामग्री की पुनः समीक्षा की जाएगी।

ऐतिहासिक महत्व: ‘डांसिंग गर्ल’ सिंधु घाटी सभ्यता की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कांस्य मूर्ति है, जिसे लगभग 2600 ईसा पूर्व का माना जाता है। इसे 1926 में मोहनजोदड़ो की खुदाई के दौरान पुरातत्वविद अर्नेस्ट मैके ने खोजा था। लगभग साढ़े दस सेंटीमीटर ऊंची यह मूर्ति प्राचीन धातु कला की उत्कृष्ट मिसाल है और वर्तमान में राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में संरक्षित है।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया: इतिहास और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी प्रकार का दृश्य परिवर्तन ऐतिहासिक तथ्यों की गलत व्याख्या का कारण बन सकता है और छात्रों के ज्ञान पर असर डाल सकता है।

सोशल मीडिया पर चर्चा: यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर इंस्टाग्राम पर भी तेजी से वायरल हो गया है। यहां इस मुद्दे पर मीम्स बन रहे हैं और ‘डांसिंग गर्ल’ को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे यह विषय ट्रेंडिंग चर्चा का हिस्सा बन गया है।

आगे की प्रक्रिया: एनसीईआरटी ने संकेत दिया है कि पूरे मामले की आंतरिक समीक्षा की जाएगी और भविष्य में प्रकाशन से पहले अधिक सख्त संपादकीय जांच लागू की जाएगी। फिलहाल डिजिटल सुधार प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह मामला शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।