इलाज के अभाव में महिला की मौत के बाद नाले में मिली सरकारी दवाइयां, पलामू स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

इलाज के अभाव में महिला की मौत के बाद नाले में मिली सरकारी दवाइयां, पलामू स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

झारखंड के पलामू जिले से सामने आई एक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सतबरवा प्रखंड के हुड़मुड़ गांव में एक आदिम जनजातीय महिला की कथित तौर पर इलाज के अभाव में मौत होने के बाद उसी क्षेत्र के नाले और झाड़ियों में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां मिलने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां जरूरतमंद मरीजों को समय पर दवाइयां और इलाज नहीं मिल पा रहा, वहीं सरकारी दवाओं को खुलेआम फेंका जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, महिला की तबीयत लंबे समय से खराब थी, लेकिन समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जब आसपास के लोगों ने इलाके की तलाशी ली तो नाले और झाड़ियों में बड़ी संख्या में सरकारी दवाइयां पड़ी मिलीं। दवाइयों पर सरकारी आपूर्ति से जुड़े निशान और पैकेजिंग देख लोगों में नाराजगी फैल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। पलामू के सिविल सर्जन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि दवाइयां वहां कैसे पहुंचीं, किसकी लापरवाही से उन्हें फेंका गया और क्या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार शामिल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कमजोर है। ऐसे में सरकारी दवाइयों का इस तरह नाले में मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि सरकारी दवाओं के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले ने पलामू ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके।