दतिया उपचुनाव: सड़क के लिए वोटिंग का बहिष्कार, फिर माने ग्रामीण; 3 बूथों पर EVM में खराबी, BJP-कांग्रेस ने जीत का किया दावा
मध्य प्रदेश की हाईप्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर गुरुवार, 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग को लेकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं में उत्साह दिखाई दिया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लग गईं। चुनाव मैदान में कुल 21 उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है।
मतदान के शुरुआती घंटों में जहां एक ओर बड़ी संख्या में मतदाता बूथों तक पहुंचे, वहीं दूसरी ओर बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों ने 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' का नारा लगाते हुए मतदान से दूरी बनाई। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया।
इधर, मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर EVM से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक मॉक पोल के दौरान इन उपकरणों को बदल दिया गया और इसके बाद निर्धारित समय पर मतदान शुरू हुआ।
सुबह से मतदान केंद्रों पर दिखी लंबी कतारें
दतिया विधानसभा क्षेत्र में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआती घंटों में ही कई ग्रामीण और शहरी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में भी उत्साह नजर आया। कई मतदाताओं ने स्थानीय विकास, रोजगार और दतिया में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने को प्राथमिकता बताया।
एक स्थानीय मतदाता ने मतदान के बाद कहा कि दतिया ने विकास के कई क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन औद्योगिक रूप से अभी पीछे है। नई सरकार और विधायक से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की उम्मीद है।
वहीं 72 वर्षीय महिला मतदाता ने युवाओं से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि चुनाव जीतने वाले विधायक को रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम करना चाहिए। इस तरह मतदान के दौरान स्थानीय मुद्दे भी मतदाताओं की प्राथमिकताओं में दिखाई दिए।
3 मतदान केंद्रों पर EVM उपकरणों में खराबी
मतदान शुरू होने से पहले दतिया के तीन मतदान केंद्रों पर EVM से जुड़े अलग-अलग उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार:
मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर VVPAT में खराबी आई।
मतदान केंद्र क्रमांक 108 पर Ballot Unit यानी BU में तकनीकी समस्या आई।
मतदान केंद्र क्रमांक 290 पर Control Unit यानी CU में खराबी सामने आई।
प्रशासन के मुताबिक इन सभी उपकरणों को मॉक पोल के दौरान सभी संबंधित एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में बदला गया। इसके बाद मतदान निर्धारित समय पर शुरू हो गया।
इससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई और जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चलने की जानकारी दी।
लखनपुर में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं', करीब 50 ग्रामीणों ने किया मतदान
मतदान के दिन दतिया के बसई क्षेत्र का लखनपुर गांव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।
यहां ग्रामीणों ने गांव तक पहुंचने वाली सड़क की खराब हालत को लेकर मतदान का बहिष्कार करने का फैसला किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव तक पहुंचने वाली करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क बेहद खराब है।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में दिक्कत होती है।
करीब 850 की आबादी वाले गांव में ग्रामीणों ने पहले 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' का नारा लगाते हुए मतदान से इनकार किया। सूचना मिलने पर SDM अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
प्रशासन की समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया।
यह घटना बताती है कि उपचुनाव में बड़े राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ सड़क, रोजगार और स्थानीय विकास जैसे जमीनी मुद्दे भी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने पीतांबरा पीठ में किए दर्शन
BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान के दिन की शुरुआत धार्मिक दर्शन से की। उन्होंने दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ पहुंचकर दर्शन किए और दतिया के विकास, युवाओं के लिए रोजगार और भयमुक्त वातावरण की प्रार्थना की।
इसके बाद वे मतदान केंद्र क्रमांक 158 पहुंचे और पार्टी के पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की।
मतदान से पहले तिवारी ने लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि BJP को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
तिवारी ने कहा कि BJP सरकार ने जनता का विश्वास जीता है और दतिया में रुके विकास कार्यों को अगले ढाई वर्षों में पूरा करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर सकारात्मक एजेंडा नहीं होने का आरोप भी लगाया।
BJP और कांग्रेस के बीच यह मुकाबला पहले से ही हाईप्रोफाइल माना जा रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंकी थी और प्रचार 28 जुलाई की शाम समाप्त हुआ था।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा- 'ऐतिहासिक जीत होगी'
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद अपनी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि मतदाता BJP के 'अहंकार' को तोड़ेंगे और कांग्रेस को समर्थन देंगे।
घनश्याम सिंह ने बसई क्षेत्र में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ में प्रवेश नहीं दिए जाने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार एजेंट के मतदान केंद्र पर पहुंचने के समय उसे बैठने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
घनश्याम सिंह को कांग्रेस ने 2026 के इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है। वह पहले भी दतिया से विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आधार माना जाता है। दूसरी ओर BJP ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है।
21 उम्मीदवार, मुकाबला BJP बनाम कांग्रेस पर केंद्रित
दतिया उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से मुकाबला मुख्य रूप से BJP और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। कुछ विश्लेषणों में आजाद समाज पार्टी की मौजूदगी के कारण मुकाबले में तीसरे कोण की संभावना की भी चर्चा की गई है।
BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के सामने पार्टी के परंपरागत समर्थन को बनाए रखने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह के सामने अपने व्यक्तिगत जनसंपर्क और स्थानीय पकड़ को वोट में बदलने की चुनौती है।
चुनाव प्रचार के दौरान जातीय समीकरण, स्थानीय विकास, रोजगार और राजनीतिक वर्चस्व जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। विश्लेषणों में BJP के पारंपरिक वोट बैंक और घनश्याम सिंह के व्यक्तिगत संपर्क को चुनाव के महत्वपूर्ण फैक्टर के रूप में देखा गया।
दतिया में उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद हो रहा है।
उपलब्ध चुनावी जानकारी के अनुसार राजेंद्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हुई और सीट रिक्त घोषित की गई। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया के तहत उपचुनाव कराया जा रहा है।
यह उपचुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दतिया लंबे समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित विधानसभा क्षेत्र रहा है। यहां BJP और कांग्रेस दोनों के पास मजबूत राजनीतिक आधार रहा है।
नरोत्तम मिश्रा की भूमिका भी चर्चा में
दतिया उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा की भूमिका भी काफी चर्चा में रही।
मिश्रा लंबे समय तक दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। टिकट वितरण के बाद उनके समर्थकों के बीच नाराजगी की खबरें भी सामने आई थीं। चुनाव प्रचार के दौरान BJP नेतृत्व ने उन्हें पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में सक्रिय रखा।
मतदान के दिन नरोत्तम मिश्रा दतिया पहुंचे और मतदान किया। इसके बाद उन्होंने BJP जिलाध्यक्ष को हटाने से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र को फर्जी बताया और इसे कांग्रेस प्रायोजित बताया। BJP की ओर से भी इस पत्र को फर्जी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खंडन किया गया।
कांग्रेस के अंदर भी दिखी थी नाराजगी
दतिया चुनाव में कांग्रेस के भीतर भी टिकट को लेकर असंतोष की स्थिति बनी थी।
कांग्रेस नेता अवधेश नायक टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनकी नाराजगी की चर्चा हुई थी।
हालांकि बाद में कांग्रेस नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक मंच से अवधेश नायक से माफी भी मांगी थी और कहा था कि यदि उनके किसी व्यवहार से नायक का अपमान हुआ हो तो वह उसके लिए क्षमा चाहते हैं।
मतदान के दिन अवधेश नायक ने भी अपना वोट डाला। इससे संकेत मिला कि पार्टी के भीतर चुनावी एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की गई।
16 सुरक्षा कंपनियों के 1,422 जवान तैनात
दतिया उपचुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार SSB सहित 16 सुरक्षा कंपनियों के करीब 1,422 जवानों को तैनात किया गया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया गया है।
इसके अलावा सेक्टर मोबाइल दलों को लगातार क्षेत्र में गश्त करने और मतदान केंद्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने भी कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए जवान बने मददगार
दतिया के मंडी प्रांगण स्थित मतदान केंद्र पर केंद्रीय पुलिस बल के जवानों को बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की मदद करते देखा गया।
जवान मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने, कतार में सहयोग करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करते नजर आए।
चुनाव के दौरान बुजुर्ग मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। 80 वर्षीय मतदाता फूलवती सहित कई बुजुर्गों ने मतदान किया। पहली बार वोट डालने वाले 18 वर्षीय मतदाताओं में भी उत्साह देखा गया।
सुबह 9 बजे तक 16 फीसदी से ज्यादा मतदान
मतदान के शुरुआती घंटों में दतिया में अच्छी वोटिंग देखने को मिली। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजे तक करीब 16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। एक रिपोर्ट में 16.05 प्रतिशत मतदान बताया गया, जबकि स्थानीय लाइव अपडेट में 16.33 प्रतिशत का आंकड़ा सामने आया।
आंकड़ों में मामूली अंतर अलग-अलग अपडेट के समय और स्रोतों के कारण हो सकता है। अंतिम मतदान प्रतिशत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मतदाताओं के लिए 13 वैकल्पिक पहचान पत्र
जिन मतदाताओं के पास मतदाता फोटो पहचान पत्र यानी EPIC उपलब्ध नहीं है, उनके लिए निर्वाचन आयोग ने निर्धारित वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों की व्यवस्था की है।
इनमें आधार कार्ड, PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक, पेंशन दस्तावेज, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त सरकारी सेवा पहचान पत्र, सांसद या विधायक का आधिकारिक पहचान पत्र, UDID कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड समेत निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं।
3 अगस्त को आएगा नतीजा
दतिया उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को हो रहा है। चुनाव प्रचार 28 जुलाई को समाप्त हो चुका था और अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत तथा मतदाताओं के रुझान पर हैं। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतगणना 3 अगस्त को होगी।
यानी 30 जुलाई को EVM में कैद होने वाला जनादेश 3 अगस्त को सामने आएगा।
दतिया में किस मुद्दे पर पड़ा वोट?
दतिया के मतदान केंद्रों से सामने आई तस्वीरों और मतदाताओं की बातचीत से स्थानीय मुद्दे काफी महत्वपूर्ण दिखाई दिए।
रोजगार
युवा मतदाताओं के लिए रोजगार सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। कई मतदाताओं ने दतिया में उद्योग स्थापित करने की जरूरत बताई।
सड़क और बुनियादी सुविधाएं
लखनपुर में सड़क को लेकर मतदान बहिष्कार ने यह दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं चुनावी फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।
विकास
BJP ने विकास और सुशासन को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया, जबकि कांग्रेस ने सत्ता विरोधी भावना और स्थानीय जनसमर्थन पर जोर दिया।
राजनीतिक वर्चस्व
दतिया की राजनीति में BJP के पुराने प्रभाव और कांग्रेस की वापसी की कोशिश ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल- किसके पक्ष में जाएगा दतिया का जनादेश?
दतिया उपचुनाव में BJP के सामने अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने की चुनौती है। कांग्रेस के सामने 2023 के विधानसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद एक बार फिर सीट पर पकड़ मजबूत करने का मौका है।
BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी विकास, रोजगार और सुशासन को मुद्दा बनाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह स्थानीय जुड़ाव और BJP सरकार के खिलाफ असंतोष को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों उम्मीदवारों ने मतदान के बाद अपने-अपने पक्ष में जीत का दावा किया है।
हालांकि मतदान केंद्रों की शुरुआती कतारों या उम्मीदवारों के दावों से चुनाव परिणाम का अनुमान लगाना संभव नहीं है। अंतिम फैसला EVM में दर्ज मतों की गिनती के बाद ही होगा।
निष्कर्ष
दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। एक तरफ BJP और कांग्रेस के बीच कड़ा राजनीतिक मुकाबला है, तो दूसरी तरफ सड़क, रोजगार और विकास जैसे स्थानीय मुद्दे मतदाताओं की प्राथमिकताओं में दिखाई दे रहे हैं।
लखनपुर में सड़क के लिए मतदान बहिष्कार और प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीणों का वोट डालना बताता है कि स्थानीय समस्याएं कितनी प्रभावी हो सकती हैं। वहीं तीन मतदान केंद्रों पर EVM उपकरणों की तकनीकी खराबी को समय रहते दूर कर दिया गया।
अब निगाहें पूरे दिन के मतदान प्रतिशत और 3 अगस्त को आने वाले परिणाम पर टिकी हैं। दतिया का यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि BJP और कांग्रेस दोनों के लिए मध्य प्रदेश में राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक ताकत का महत्वपूर्ण टेस्ट भी माना जा रहा है।
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