कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से लौटे भारतीय खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत: साक्षी बोलीं- सपना सच हुआ, अस्मिता ने कहा- जूडो को मिलेगी नई पहचान
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों की सोमवार को स्वदेश वापसी हुई। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर पदक विजेता खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के स्वागत के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी, कोच, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद रहे।
एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का स्वागत ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और तिरंगे के साथ किया गया। खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, कोचिंग टीम और पूरे सपोर्ट सिस्टम को दिया। खिलाड़ियों ने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतना है।
भारत ने जीते 39 पदक, बॉक्सिंग और जूडो में दिखा दमदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीते। इसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
हालांकि पदकों की संख्या के लिहाज से यह प्रदर्शन 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले कम रहा, लेकिन कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
इस बार भारत का सबसे मजबूत प्रदर्शन बॉक्सिंग और जूडो में देखने को मिला। बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में पदक हासिल किए, जबकि जूडो में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ इतिहास में गोल्ड मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।
बॉक्सिंग में भारत का दबदबा, 14 में से 10 खिलाड़ियों ने जीते पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग भारत का सबसे सफल खेल रहा। भारतीय बॉक्सिंग टीम में शामिल 14 खिलाड़ियों में से 10 मुक्केबाजों ने पदक जीते।
भारतीय बॉक्सरों ने कुल:
7 गोल्ड मेडल
3 सिल्वर मेडल
अपने नाम किए।
इस तरह भारतीय बॉक्सिंग टीम का मेडल कन्वर्जन रेट करीब 71 प्रतिशत रहा, जो बर्मिंघम 2022 के लगभग 58 प्रतिशत से बेहतर प्रदर्शन है।
साक्षी चौधरी: "यह किसी सपने के सच होने जैसा"
महिला 51 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी ने स्वदेश लौटने के बाद कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है।
साक्षी ने कहा कि खिलाड़ियों का इस तरह स्वागत होना बेहद खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कॉमनवेल्थ में अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अब टीम का पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर रहेगा।
प्रिया घनघस और जैस्मिन ने भी जताई खुशी
गोल्ड मेडल विजेता प्रिया घनघस ने कहा कि देश के लिए गोल्ड जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
वहीं गोल्ड मेडलिस्ट जैस्मिन लंबोरिया ने कहा कि परिवार और कोच के सामने सम्मान मिलना बेहद भावुक करने वाला पल है। उन्होंने भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए पदक जीतने का संकल्प जताया।
नरेंद्र बेरवाल बोले- सिल्वर से संतुष्ट, लेकिन लक्ष्य गोल्ड का
हेवीवेट बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीतने के बाद कहा कि पूरी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था और उन्होंने पूरी तैयारी के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल से चूक जरूर हुई, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान आने वाली प्रतियोगिताओं और एशियन गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
जूडो में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पहली बार मिले गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो ने भारत के लिए इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड मेडल हासिल किया।
भारतीय जूडो टीम ने कुल चार पदक जीते:
2 गोल्ड मेडल
1 सिल्वर मेडल
1 ब्रॉन्ज मेडल
अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास बनाया। वहीं यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
अस्मिता डे: "देश में जूडो को नई पहचान मिलेगी"
जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाली अस्मिता डे ने कहा कि यह भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ में पहली बार जूडो में दो गोल्ड मेडल जीतना बड़ी सफलता है। उम्मीद है कि इस उपलब्धि के बाद भारत में जूडो को नई पहचान मिलेगी और ज्यादा बच्चे इस खेल से जुड़ेंगे।
पैरा स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया देश का गौरव
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
गोल्ड मेडल विजेता सोमन राणा ने अपनी जीत को देश, सेना और अपने राज्य को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि अब पैरा स्पोर्ट्स को पहले की तुलना में ज्यादा पहचान मिल रही है।
उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और पैरालंपिक में भी भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है।
वहीं सिल्वर मेडल विजेता मोहम्मद बासिल ने कहा कि यह उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी और सिल्वर मेडल जीतना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि आने वाली प्रतियोगिताओं में वह इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स
स्वदेश लौटे खिलाड़ियों ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता अब पीछे छूट चुकी है और उनका पूरा ध्यान आगे की प्रतियोगिताओं पर है।
खिलाड़ियों के मुताबिक, एशियन गेम्स में मुकाबला और ज्यादा कठिन होगा, इसलिए तैयारी अभी से शुरू कर दी जाएगी। भारतीय खिलाड़ी अब अपनी कमियों को सुधारते हुए देश के लिए और अधिक पदक जीतने की तैयारी करेंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की उपलब्धियां
कुल पदक: 39
गोल्ड मेडल: 13
सिल्वर मेडल: 17
ब्रॉन्ज मेडल: 9
पदक तालिका में स्थान: चौथा
बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन
जूडो में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय खेलों के लिए कई नई उपलब्धियां लेकर आया। खासतौर पर बॉक्सिंग और जूडो में मिली सफलता ने देश में इन खेलों को नई उम्मीद और पहचान दी है।
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