फिलीपींस में मिसेज यूनिवर्स में चमकेंगी भोपाल की डॉ. स्वाति, भारतीय संस्कृति का बढ़ेगा मान
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फिलीपींस में मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में डॉ. स्वाति बिखेरेंगी भारतीय संस्कृति की चमक
10 दिवसीय प्रतियोगिता में 8 अक्टूबर को होगा मिसेज यूनिवर्स का फाइनल राउंड
भोपाल। मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता केवल सौंदर्य की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नारी की सशक्त उपस्थिति, उसकी सोच, आत्मविश्वास और उसके मूल्यों का उत्सव है। मेरी यह यात्रा भारत की उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो अपने सपनों को उड़ान देने के लिए तैयार हैं। यह कहना है शिक्षाविद् और पूर्व मिसेज सेंट्रल इंडिया 2024 विजेता डॉ. स्वाति जैन का। डॉ. स्वाति फिलीपींस में आयोजित होने वाली मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही हैं। सोमवार को मीडिया से चर्चा में डॉ. स्वाति जैन ने इस प्रतियोगिता की तैयारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित विदाई समारोह में द पेजेंट इंडिया की मध्यप्रदेश प्रमुख फराह अनवर, ड्रेस डिजाइनर ज्योति, और एमसी नायडू भी मौजूद रहे। डॉ. स्वाति ने बताया कि इस प्रतियोगिता में इस वर्ष 100 से अधिक देशों के 130 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन दस दिनों तक चलेगा और 8 अक्टूबर को ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के विभिन्न राउंड्स में प्रतिभागियों की मानसिक, शारीरिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से परख की जाएगी।
शकुंतला से प्रेरित ड्रेस की तैयार
डॉ. स्वाति की मेंटर फराह अनवर ने बताया कि उन्होंने प्रतियोगिता के लिए एक ऐसी ड्रेस तैयार की है जो न केवल भारतीय प्राचीन संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती है, बल्कि प्रकृति प्रेम का भी संदेश देती है। यह ड्रेस महर्षि कालीदास की कालजयी नायिका 'शकुंतला' से प्रेरित है एक ऐसी स्त्री जो सादगी, सौंदर्य, आत्मबल और प्रकृति से गहरे जुड़ाव की प्रतीक रही है। इस ड्रेस की डिजाइनर ज्योति हैं, जिन्होंने पारंपरिक भारतीय कारीगरी को आधुनिक अभिव्यक्ति में पिरोया है।
परिवार के सहयोग से बढ़ा आत्मबल
डॉ. स्वाति कहती हैं कि वे मूलतः शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे अपने परिवार और विशेषकर माता-पिता के समर्थन को प्रमुख बताया। वे कहती हैं, मेरी मां हमेशा कहती थीं कि ऐसा कोई काम नहीं जो महिला नहीं कर सकती। वे कहती थीं 'आई एम पॉसिबल' और मैंने उसी विश्वास को आत्मसात किया। डॉ. स्वाति कहती हैं कि मैंने परिवार, पेशा और प्रतियोगिता तीनों का समन्वय कर एक चुनौतीपूर्ण सफर था को अपने जुनून और परिवार के सहयोग सरल बना दिया।
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