हरियाणा में सुशासन की बड़ी पहल सभी कानून, नियम और सरकारी आदेश होंगे एक क्लिक पर उपलब्ध, बनेगा डिजिटल भंडार

हरियाणा में सुशासन की बड़ी पहल सभी कानून, नियम और सरकारी आदेश होंगे एक क्लिक पर उपलब्ध, बनेगा डिजिटल भंडार

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी अधिनियमों, नियमों, विनियमों, सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं, परिपत्रों और नीतिगत दस्तावेजों का केंद्रीकृत डिजिटल ऑनलाइन भंडार (डिजिटल रिपॉजिटरी) तैयार करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

सरकार के निर्देशों के अनुसार, विभिन्न विभागों में वर्षों से लागू पुराने, अप्रासंगिक और अनावश्यक कानूनों एवं नियमों की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी। जिन प्रावधानों की अब आवश्यकता नहीं है, उन्हें समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और आधुनिक बन सके।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अधीन आने वाले अधिनियमों, नियमों, विनियमों, सरकारी आदेशों, परिपत्रों, अधिसूचनाओं और नीतिगत दस्तावेजों की संपादन योग्य (एमएस वर्ड) डिजिटल कॉपी 25 जून तक उपलब्ध कराएं, ताकि पोर्टल शुरू होने के साथ ही इन्हें ऑनलाइन अपलोड किया जा सके।

नई डिजिटल रिपॉजिटरी में सभी दस्तावेजों को क्षेत्रवार, विषयवार और अंतिम अद्यतन तिथि के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। इससे सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, वकील, शोधकर्ता और आम नागरिक किसी भी कानून या सरकारी आदेश की नवीनतम और प्रमाणिक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम होगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए निर्धारित छह प्रमुख सिद्धांतों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफलतापूर्वक लागू होती है, तो हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां सरकारी कानूनों और नीतियों तक डिजिटल माध्यम से आसान पहुंच उपलब्ध होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही मजबूत होगी और नागरिकों को सरकारी सूचनाएं प्राप्त करने में काफी सुविधा मिलेगी।

सरकार की इस पहल को ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में सरकारी सेवाओं को और अधिक आधुनिक एवं जनहितैषी बनाया जा सकेगा।