फिरोजपुर रेलवे मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिश्वतखोरी के आरोप में दो कर्मचारी गिरफ्तार 2 लाख रुपये मांगने का आरोप

फिरोजपुर रेलवे मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिश्वतखोरी के आरोप में दो कर्मचारी गिरफ्तार 2 लाख रुपये मांगने का आरोप

पंजाब के फिरोजपुर रेलवे मंडल में कथित रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने एक चार्जशीटेड रेलवे कर्मचारी को विभागीय कार्रवाई से राहत दिलाने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस कार्रवाई के बाद रेलवे मंडल में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान पावर विभाग के धर्मबीर और कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारी विजय कुमार के रूप में हुई है। शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि होने पर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने एक चार्जशीटेड रेलवे कर्मचारी का मामला सुलझाने और विभागीय कार्रवाई में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर जांच एजेंसी ने निगरानी रखी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम CBI की टीम ने ऑपरेशन चलाकर दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया। इस दौरान एजेंसी ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी अपने कब्जे में लिए हैं। हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसलिए CBI ने अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार कर्मचारियों को मोहाली स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां एजेंसी पूछताछ के लिए उनका रिमांड मांग सकती है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान रिश्वतखोरी के इस मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से वित्तीय लेनदेन, संपर्क सूत्रों और विभागीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं CBI का कहना है कि जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे मंडल में हुई इस कार्रवाई ने सरकारी विभागों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।