राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओंकारेश्वर दौरे पर: ज्योतिर्लिंग दर्शन, सिकल सेल दिवस कार्यक्रम और हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओंकारेश्वर दौरे पर: ज्योतिर्लिंग दर्शन, सिकल सेल दिवस कार्यक्रम और हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित पवित्र तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर पहुंचीं। उनके आगमन पर कोठी हेलीपैड पर राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। राष्ट्रपति के स्वागत के दौरान एक विशेष और अलग पहल चर्चा का विषय बनी, जब खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने पारंपरिक पुष्पगुच्छ की जगह पेन, पेंसिल, कॉपी और रबर से तैयार किया गया शैक्षणिक बुके भेंट किया। विधायक ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि यह सामग्री किसी जरूरतमंद छात्र को दी जाए। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक संदेश बताया और इसे आगे जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने की बात कही।

हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था और रूट प्लान

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए ओंकारेश्वर और आसपास के पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। हेलीपैड से लेकर एनएचडीसी गेस्ट हाउस और मंदिर परिसर तक पूरे रूट को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया। लगभग 60 वाहनों के काफिले को विशेष सुरक्षा घेरे में चलाया गया, जिसमें स्थानीय पुलिस, स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल रहीं।

पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सिविल ड्रेस में भी सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया। सुरक्षा कारणों से मंदिर क्षेत्र में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक अस्थायी रोक लगाई गई। इस दौरान मंदिर परिसर, घाटों और आसपास के बाजार क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और सभी दुकानों एवं भवनों की सुरक्षा जांच की गई।

एनएचडीसी गेस्ट हाउस में ठहराव और प्रोटोकॉल व्यवस्था

हेलीपैड से राष्ट्रपति का काफिला कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच एनएचडीसी गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। पूरे परिसर को सुरक्षा एजेंसियों ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष जांच व्यवस्था की गई है और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही अनुमति दी गई है। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित कर रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू की है।

ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शाम को भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन, पूजा और आरती में शामिल होंगी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से उनका पारंपरिक और औपचारिक स्वागत किया जाएगा। ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी राजा राव पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार राष्ट्रपति सहित राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को नर्मदेश्वर शिवलिंग भेंट किए जाएंगे, जो स्थानीय धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।

मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है और प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रपति के दर्शन हेतु अलग मार्ग निर्धारित किया गया है। पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षा और धार्मिक परंपराओं दोनों का संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है।

सामाजिक और स्वास्थ्य कार्यक्रम में भागीदारी

राष्ट्रपति मुर्मु 19 जून को अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ और विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि भाग लेंगे।

राष्ट्रपति इस कार्यक्रम के बाद इंदौर के लिए रवाना होंगी, जहां से उनका आगे का कार्यक्रम तय है। इस दौरे को राज्य में स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है।

स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक पहल

राष्ट्रपति के दौरे के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगें और मुद्दे सामने रखे। पंधाना विधायक छाया मोरे ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर खंडवा और बुरहानपुर जिलों को इंदौर हाई कोर्ट खंडपीठ के अधिकार क्षेत्र में शामिल करने की मांग की। यह मांग क्षेत्रीय न्यायिक पहुंच और त्वरित न्याय व्यवस्था से जुड़ी बताई जा रही है।