MP में बदलने वाली है बस व्यवस्था! हिम्मत कोठारी ने सरकार को क्यों दी पुनर्विचार की सलाह?

MP में बदलने वाली है बस व्यवस्था! हिम्मत कोठारी ने सरकार को क्यों दी पुनर्विचार की सलाह?

पूर्व मंत्री ने कहा- नई व्यवस्था लागू करने से पहले सरकार करे विचार, यात्रियों की सुविधा और हितों को रखा जाए सबसे ऊपर

मध्य प्रदेश में बस परिवहन व्यवस्था में बदलाव को लेकर चल रही तैयारियों के बीच पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने सरकार को इस पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निजी कंपनियों की ओर बढ़ने से पहले मौजूदा सिस्टम की कमियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।

हिम्मत कोठारी ने कहा कि बस परिवहन आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा हुआ विषय है। बड़ी संख्या में लोग यात्रा के लिए बस सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में व्यवस्था में कोई भी बदलाव करने से पहले यात्रियों की सुविधा, उनकी जरूरत और जमीनी स्तर की समस्याओं को समझना जरूरी है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार को पहले वर्तमान परिवहन व्यवस्था का मूल्यांकन करना चाहिए और जहां भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उनका कहना है कि केवल नई व्यवस्था या निजी कंपनियों को शामिल करने से ही समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि मौजूदा व्यवस्था को मजबूत बनाना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे आम यात्रियों को आसानी से और बेहतर सुविधा मिल सके। बस सेवाओं में सुधार, संचालन व्यवस्था को मजबूत करना और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

हिम्मत कोठारी ने सरकार से आग्रह किया कि बस परिवहन को लेकर कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लिया जाए। नई व्यवस्था लागू करने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि सरकार को बदलाव करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि परिवहन सेवा का लाभ प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक यात्रियों को बेहतर बस सुविधा मिलना जरूरी है।

बस परिवहन व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव को लेकर सरकार की तैयारियों के बीच हिम्मत कोठारी का यह बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सुधार जरूरी है, लेकिन सुधार का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे व्यवस्था मजबूत हो और यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिले।

पूर्व मंत्री ने दोहराया कि निजी कंपनियों की भूमिका तय करने से पहले सरकार को मौजूदा सिस्टम में सुधार की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि बेहतर प्रबंधन और सही योजना के जरिए वर्तमान व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जा सकता है।