देशभर में मानसून का कहर: बारिश और बिजली गिरने से 17 मौतें, हिमाचल-उत्तराखंड में 300 से ज्यादा सड़कें बंद; केरल में 25 लोगों की गई जान
देश के कई हिस्सों में लगातार सक्रिय मानसून अब जनजीवन पर भारी पड़ रहा है। भारी बारिश, बाढ़, बिजली गिरने और भूस्खलन की घटनाओं ने कई राज्यों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग राज्यों में बारिश से जुड़े हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।
झारखंड और उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने और बारिश से जुड़े हादसों में 17 लोगों की मौत हुई है। वहीं केरल में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण 25 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में जुटना पड़ा है।
झारखंड में बिजली गिरने से 14 मौतें, गिरिडीह सबसे ज्यादा प्रभावित
झारखंड में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हुआ। राज्य में अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा असर गिरिडीह जिले में देखने को मिला, जहां बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा दुमका में 3 और लातेहार में 2 लोगों की जान गई।
गिरिडीह के देवरी थाना क्षेत्र में कुछ युवक एक स्थान पर बैठे हुए थे, तभी अचानक बिजली गिर गई। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हुए। मृतकों में कई युवक 18 से 20 वर्ष की उम्र के बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश में बारिश-बिजली से 3 मौतें
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
मिर्जापुर जिले में तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें दो बच्चों की मौत पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हुई, जबकि एक 25 वर्षीय युवक की जान बिजली गिरने से चली गई।
वहीं कई जिलों में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हुए हैं।
राज्य के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं और प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
केरल में बारिश और बाढ़ से 25 मौतें, 18 हजार लोग राहत शिविरों में
केरल में 1 अगस्त से लगातार हो रही बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं।
राज्य में बारिश और बाढ़ से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, बारिश से प्रभावित 18 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में—
पथनमथिट्टा
कोट्टायम
अलप्पुझा
शामिल हैं।
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क बाधित और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हिमाचल में 160 से ज्यादा सड़कें बंद, लैंडस्लाइड से यातायात प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में परेशानी बढ़ गई है।
राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण 160 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। इसके अलावा करीब 190 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 58 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भी लैंडस्लाइड के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
कांगड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
उत्तराखंड में 99 सड़कें बंद, स्कूलों में छुट्टी
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश और भूस्खलन से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
राज्य के 10 जिलों में 99 सड़कें बंद हैं। कई पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है।
मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
एहतियात के तौर पर देहरादून और बागेश्वर में कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
असम में बाढ़ का असर जारी, 27 लोगों की मौत
असम में भी बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
राज्य के शिवसागर जिले सहित कई इलाकों में अभी भी बाढ़ का असर बना हुआ है। प्रशासन के अनुसार, बाढ़ से अब तक करीब 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ लोग लापता हैं।
कई गांवों में पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और पुनर्वास का काम जारी है।
दिल्ली में हल्की बारिश के आसार, AQI संतोषजनक
राजधानी दिल्ली में बुधवार को मौसम विभाग ने बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है।
दिल्ली में मंगलवार को बारिश दर्ज की गई थी। पिछले 24 घंटे में अयानगर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का AQI 64 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।
पंजाब-चंडीगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
पंजाब और चंडीगढ़ में भी मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है।
पंजाब के पठानकोट सहित कई इलाकों में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी।
पिछले 24 घंटे में पटियाला में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश में औसत से 18% कम बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून अब तक बारिश सामान्य से कम रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक औसत से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश का दौर कमजोर रहा है।
हालांकि बुधवार को प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
6 अगस्त को:
मध्य प्रदेश
पश्चिम बंगाल
मध्य महाराष्ट्र
ओडिशा
उत्तर प्रदेश
में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।
7 अगस्त को:
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल में भी बारिश का असर रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और नदी-नालों, खुले मैदानों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
news desk MPcg