सोना-चांदी की कीमतों में फिर आई तेजी, अगले 15 दिनों में और बढ़ेंगे दाम? जानिए विशेषज्ञ ने निवेशकों को क्या दी सलाह
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारतीय वायदा बाजार (एमसीएक्स) में भी साफ दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो अगले 10 से 15 दिनों के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि उन्होंने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और योजनाबद्ध तरीके से निवेश करने की सलाह दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों लौटी तेजी?
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार कोमेक्स में सोने की कीमत करीब 1.53 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4,188 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं चांदी ने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए 3.14 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग 62.98 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका से आए रोजगार संबंधी आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी नहीं करेगा। जब ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना कम होती है तो निवेशक अधिक संख्या में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा डॉलर में आई कमजोरी ने भी कीमती धातुओं को अतिरिक्त समर्थन दिया।
घरेलू बाजार में भी मजबूत हुई कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार (एमसीएक्स) पर भी देखने को मिला। 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.45 लाख से 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करती दिखाई दी। वहीं चांदी का भाव बढ़कर 2.37 लाख से 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया।
हाल के दिनों में आई गिरावट के बाद बाजार में लौटी यह तेजी निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत करती नजर आ रही है। ज्वेलरी बाजार में भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, खासकर त्योहारों और विवाह सीजन को देखते हुए।
विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने क्या कहा?
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से पंजीकृत कमोडिटी एवं बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार फिलहाल सोने और चांदी का समग्र रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका में जारी आर्थिक आंकड़ों के बाद ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा बदली है। पहले जहां दरों में बढ़ोतरी की संभावना अधिक मानी जा रही थी, वहीं अब इसके कम होने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति आमतौर पर सोने और चांदी की कीमतों के लिए अनुकूल मानी जाती है।
उनका कहना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
अगले 15 दिनों में कैसी रह सकती है चाल?
विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो सप्ताह बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान अमेरिकी केंद्रीय बैंक के संकेत, डॉलर की चाल, महंगाई के आंकड़े, वैश्विक आर्थिक गतिविधियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
यदि डॉलर कमजोर बना रहता है और ब्याज दरों में राहत के संकेत मिलते हैं तो सोने और चांदी की कीमतों में नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं यदि आर्थिक परिस्थितियों में अचानक बदलाव होता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव भी संभव है।
निवेशकों को क्या करनी चाहिए रणनीति?
अनुज गुप्ता का मानना है कि मौजूदा समय में कीमतों में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना सबसे बेहतर रणनीति होगी। एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना जोखिम को कम करता है और बेहतर औसत मूल्य पर खरीदारी का अवसर देता है।
उन्होंने अल्पकालिक कारोबार करने वालों को प्रमुख समर्थन स्तरों पर खरीदारी करने और निर्धारित लक्ष्य पर मुनाफा वसूलने की सलाह दी है। वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट को निवेश का अवसर बताया है।
सोने और चांदी के प्रमुख स्तर
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 2350 डॉलर और 2320 डॉलर मजबूत समर्थन स्तर हैं, जबकि 2420 से 2460 डॉलर के बीच महत्वपूर्ण बाधा देखने को मिल सकती है।
भारतीय बाजार में सोने के लिए 71,500 रुपये महत्वपूर्ण समर्थन स्तर माना जा रहा है, जबकि 72,500 रुपये के आसपास प्रमुख बाधा है।
चांदी की बात करें तो इसकी औद्योगिक मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी महत्वपूर्ण बाधा स्तर को पार कर लेती है तो इसमें और तेजी आ सकती है। घरेलू बाजार में भी चांदी के भाव में आगे उल्लेखनीय बढ़त की संभावना जताई जा रही है।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों का उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, उनके लिए मौजूदा समय अनुकूल माना जा सकता है। सोना और चांदी अपने उच्चतम स्तरों से पहले ही कुछ हद तक नीचे आ चुके थे और अब दोबारा मजबूती दिखा रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेश केवल तेजी की उम्मीद में नहीं बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए।
किन कारणों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक कारकों से प्रभावित होंगी। इनमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल, महंगाई के आंकड़े, अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक स्थिति शामिल हैं। यदि ये सभी कारक कीमती धातुओं के पक्ष में बने रहते हैं तो अगले 15 दिनों में सोना और चांदी दोनों नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकते हैं।
news desk MPcg