भारतीय शेयर बाजार ने रचा नया इतिहास 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा मार्केट कैप, जानिए तेजी के 3 बड़े कारण
भारतीय शेयर बाजार ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान बना दिया है। बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया है, जो करीब छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। घरेलू और वैश्विक सकारात्मक संकेतों के बीच निवेशकों का भरोसा बढ़ने से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
लगातार चार कारोबारी सत्रों से बाजार में शानदार तेजी
हाल के कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार ने मजबूत वापसी की है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी ने भारतीय बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना दिया है।
तेजी के 3 बड़े कारण
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत दी है। तेल सस्ता होने से महंगाई और आयात लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखाई दिया।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और जोखिम लेने की क्षमता में इजाफा हुआ, जिसका फायदा भारतीय बाजार को भी मिला।
घरेलू निवेशकों का मजबूत भरोसा
भारतीय निवेशकों की लगातार खरीदारी और मजबूत भागीदारी ने बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। खासकर मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ने से व्यापक बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली।
सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
अप्रैल से अब तक जहां सेंसेक्स में सीमित बढ़त दर्ज हुई है, वहीं मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स ने कहीं बेहतर रिटर्न दिया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में भी निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात अनुकूल बने रहते हैं, कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले समय में भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
news desk MPcg