लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 262 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,270 के पार, निवेशकों की संपत्ति में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में मजबूती के साथ बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। आईटी, रियल्टी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में जोरदार लिवाली देखने को मिली, जबकि बैंकिंग और ऊर्जा शेयरों में सीमित बिकवाली का दबाव रहा। दिन के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत शुरुआत की और ऊंचे स्तरों तक पहुंचे, हालांकि अंतिम घंटे में हुई मुनाफावसूली के कारण बाजार अपने इंट्राडे हाई से थोड़ा नीचे बंद हुआ।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,763.91 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत चढ़कर 24,270.85 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,157.52 और निफ्टी ने 24,378.15 का उच्चतम स्तर छुआ, जिससे पूरे दिन बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।
लगातार तीसरे दिन जारी रही तेजी
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। पिछले तीन दिनों के दौरान सेंसेक्स में करीब 1,300 अंकों (लगभग 1.7 प्रतिशत) की तेजी आई है, जबकि निफ्टी 400 से अधिक अंक (करीब 1.7 प्रतिशत) मजबूत हुआ है। साप्ताहिक आधार पर भी दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जिससे बाजार लगातार चौथे सप्ताह सकारात्मक रुख बनाए रखने में सफल रहा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों की मजबूती, चुनिंदा सेक्टरों में निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों में स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत बनाए रखा। हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण तेजी सीमित रही।
किन सेक्टरों ने संभाली बाजार की कमान?
शुक्रवार के कारोबार में सबसे अधिक तेजी रियल्टी, हेल्थकेयर, आईटी और फार्मा सेक्टर में देखने को मिली।
निफ्टी रियल्टी में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी हेल्थकेयर 1.8 प्रतिशत मजबूत रहा।
निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा दोनों में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।
निफ्टी मेटल भी लगभग 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि आईटी और फार्मा सेक्टर में निवेशकों की नई खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की, जबकि रियल्टी शेयरों में लगातार बनी मांग ने सूचकांकों को समर्थन दिया।
इन सेक्टरों पर रहा दबाव
तेजी के बीच कुछ सेक्टरों में बिकवाली भी देखने को मिली।
निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.5 प्रतिशत की गिरावट रही।
निफ्टी एनर्जी 1.3 प्रतिशत फिसला।
निफ्टी ऑटो और निफ्टी मीडिया में करीब 0.4 प्रतिशत की कमजोरी रही।
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी बैंक भी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए।
बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली और ऊर्जा कंपनियों में बिकवाली के कारण इन सेक्टरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
इन शेयरों ने किया शानदार प्रदर्शन
निफ्टी-50 में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज, बजाज फिनसर्व, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारती एयरटेल शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), बजाज ऑटो, एचडीएफसी लाइफ, कोटक महिंद्रा बैंक और एनटीपीसी शामिल रहे।
निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा
शेयर बाजार की लगातार तीसरे दिन की तेजी का असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी देखने को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बढ़कर लगभग 480.24 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 479.75 लाख करोड़ रुपये था।
यदि सप्ताह की शुरुआत से तुलना करें तो बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि पिछले कुछ दिनों की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
व्यापक बाजार का प्रदर्शन रहा मिला-जुला
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजार का प्रदर्शन मिश्रित रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का झुकाव फिलहाल बड़े और मजबूत शेयरों की ओर अधिक रहा।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बाजार की दिशा आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों, कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि घरेलू और वैश्विक माहौल सकारात्मक बना रहता है तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बीच-बीच में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)
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