अमेठी में 1.18 करोड़ के कथित घोटाले की जांच तेज, बीआरसी सिंहपुर में बयान दर्ज — शिक्षा विभाग में हड़कंप
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत विद्यालयों के विकास और मरम्मत के लिए आए 1.18 करोड़ रुपये से अधिक के कथित दुरुपयोग मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की जांच के लिए गठित टीम ने गुरुवार को बीआरसी सिंहपुर पहुंचकर शिकायतकर्ताओं और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी खंगाले गए, जिससे विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
???? मामला क्या है?
विद्यालयों के विकास, मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं के लिए शासन की ओर से भेजी गई लगभग 1.18 करोड़ रुपये की राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस धन का उपयोग तय मानकों और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराई है।
???? जांच की शुरुआत कैसे हुई?
इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक संगठनों और कुछ कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी थी।
शिकायत में कुल 16 बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
विद्यालय मरम्मत कार्यों में अनियमितता
स्मार्ट क्लास और ICT लैब में गड़बड़ी
विद्यालय रखरखाव के फंड का गलत उपयोग
निरीक्षण के नाम पर कथित अवैध वसूली
मानव संपदा पोर्टल के दुरुपयोग के आरोप
इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की।
???? जांच टीम की कार्रवाई
गुरुवार को गठित जांच टीम बीआरसी सिंहपुर पहुंची, जहां:
शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए गए
संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई
कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों की जांच की गई
वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया
जांच अधिकारियों ने कई रिकॉर्ड सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि आगे की जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।
???? आरोप किन पर लगे?
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि:
खंड शिक्षा अधिकारी सिंहपुर
बीआरसी कार्यालय के कुछ कर्मचारी
और कुछ निजी फर्मों से जुड़े लोग
इस कथित अनियमितता में शामिल हो सकते हैं।
एक विवादित भुगतान को लेकर यह भी आरोप है कि एक शिक्षक के पुत्र से जुड़ी फर्म को लाभ पहुंचाया गया।
???? जांच समिति का गठन
मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें शामिल हैं:
तिलोई के खंड शिक्षा अधिकारी राम किशन कश्यप
बहादुरपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सचान
समिति को सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
⚪ आगे क्या होगा?
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि:
सभी दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जा रही है
बयान और रिकॉर्ड मिलान के बाद रिपोर्ट तैयार होगी
उसके बाद ही आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
news desk MPcg