मध्य प्रदेश में मानसून का कहर: बालाघाट में बाढ़ में बहे बुलडोजर, जीप और कार, कई जिलों में नदी-नाले उफान पर; 23 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के बालाघाट, उज्जैन, बुरहानपुर, शाजापुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, खरगोन, श्योपुर, भोपाल और अन्य जिलों में भारी वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
सबसे चिंताजनक स्थिति बालाघाट जिले से सामने आई है, जहां उफनाई बाघ नदी में पुल निर्माण कार्य में लगी एक बुलडोजर (जेसीबी), एक जीप और एक कार तेज बहाव में बह गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहनों में उस समय कोई व्यक्ति सवार नहीं था, इसलिए जनहानि की सूचना नहीं है।
इधर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
बालाघाट में बाघ नदी का रौद्र रूप, निर्माणाधीन पुल पर बह गए वाहन
लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बालाघाट जिले की बाघ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी में आई बाढ़ के चलते प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बन रहे हाई लेवल ब्रिज के निर्माण स्थल पर खड़े भारी वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी का जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ गया, जिससे नदी किनारे खड़ी जेसीबी मशीन, एक जीप और एक कार बह गईं। घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें भारी वाहन तेज बहाव में बहते हुए दिखाई दे रहे हैं।
10 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा है हाई लेवल ब्रिज
जानकारी के अनुसार यह पुल बालाघाट जिले के किरनापुर-लांजी क्षेत्र में अंधिया टोला और गल्लाटोला गांवों के बीच बाघ नदी पर बनाया जा रहा है।
पुल की लंबाई लगभग 150 मीटर है।
निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत किया जा रहा है।
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 10.17 करोड़ रुपये (1017.24 लाख रुपये) बताई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य में लगे वाहन नदी किनारे खड़े थे। लगातार बारिश के कारण अचानक जलस्तर बढ़ने से उन्हें सुरक्षित स्थान पर हटाने का समय नहीं मिल सका और वे तेज बहाव में बह गए।
लगातार बारिश से प्रभावित हुआ जनजीवन
बालाघाट जिले में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
स्थिति के प्रमुख प्रभाव—
कई नदी-नालों पर पानी चढ़ने से संपर्क मार्ग बंद हो गए।
कुछ स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है।
कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क अस्थायी रूप से बाधित हुआ।
बिजली आपूर्ति भी कई क्षेत्रों में प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर, रामघाट के मंदिर जलमग्न
लगातार बारिश का असर धार्मिक नगरी उज्जैन में भी देखने को मिला।
भारी वर्षा के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे रामघाट के कई छोटे मंदिर और घाट पानी में डूब गए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें घाटों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
पांढुर्णा में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत
पांढुर्णा जिले से भी दुखद खबर सामने आई है, जहां बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भोपाल में पुल पार करते समय नदी में पलटा ट्रैक्टर
राजधानी भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में तेज बहाव के बीच पुल पार करने का प्रयास कर रहा एक ट्रैक्टर नदी में पलट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहा और उसकी जान बच गई। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले पुलों को पार करने से बचने की अपील की है।
शाजापुर में कालीसिंध नदी उफान पर
शाजापुर जिले में लगातार वर्षा के कारण कालीसिंध नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बुरहानपुर में खतरे के निशान के करीब पहुंची ताप्ती नदी
बुरहानपुर में लगातार बारिश के चलते ताप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर राजघाट क्षेत्र में खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
स्थिति को देखते हुए—
पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं।
नदी किनारे लोगों की आवाजाही सीमित की गई है।
प्रशासन ने अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की सलाह जारी की है।
श्योपुर में झरनों का बढ़ा जलप्रवाह
श्योपुर जिले के प्रसिद्ध सिरवेल महादेव कुंदा झरने में भी लगातार वर्षा के कारण जलप्रवाह काफी बढ़ गया है।
हालांकि यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, लेकिन प्रशासन ने तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा बरतने की अपील की है।
छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भारी वर्षा
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख वर्षा आंकड़े—
उज्जैन – लगभग 2 इंच बारिश
छिंदवाड़ा – लगभग 3 इंच बारिश
इसके अलावा सिवनी, दमोह, सागर, देवास, बैतूल, अनूपपुर, अलीराजपुर और अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
23 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए मध्य प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इनमें प्रमुख जिले शामिल हैं—
दमोह
सागर
देवास
बैतूल
अलीराजपुर
उमरिया
सिवनी
अनूपपुर
छिंदवाड़ा
साथ ही कई अन्य जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
लोगों को सलाह दी गई है कि—
उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें।
पुल-पुलियों पर पानी होने पर यात्रा टाल दें।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहें।
मौसम विभाग के आधिकारिक अलर्ट पर नजर रखें।
किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन की हेल्पलाइन से संपर्क करें।
मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
news desk MPcg