मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है यूनिफॉर्म सिविल कोड: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से 15 हजार रोजगार का दावा

मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू हो सकता है यूनिफॉर्म सिविल कोड: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से 15 हजार रोजगार का दावा

मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा राजनीतिक और नीतिगत संकेत दिया है। भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी महीने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए लाखों नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए हैं और अब उसी आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास, रोजगार, निवेश, यूनियन कार्बाइड परिसर के पुनर्विकास और प्रदेश की विकास योजनाओं पर भी विस्तार से अपनी सरकार का दृष्टिकोण रखा।

"सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए"

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि—

"जब हिंदू समाज में विवाह के लिए एक निश्चित कानूनी व्यवस्था है, तो सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को धार्मिक रंग देने का प्रयास करेगा, जबकि राज्य सरकार इसे संविधान की भावना और समानता के सिद्धांत के अनुरूप लागू करना चाहती है।

"10 लाख से अधिक सुझाव मिलने के बाद लिया जा रहा निर्णय"

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती तो सीधे विधानसभा में विधेयक पेश कर सकती थी, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए पहले जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए।

उनके अनुसार—

प्रदेशभर से 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए।
विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, कानूनी और शैक्षणिक संगठनों ने भी अपने सुझाव दिए।
प्राप्त सुझावों के अध्ययन के बाद सरकार कानून का अंतिम स्वरूप तैयार कर रही है।

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विधेयक विधानसभा के किस सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा या इसे लागू करने की सटीक तिथि क्या होगी।

संविधान में क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रावधान?

भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के नीति-निदेशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) के अंतर्गत उल्लेख है कि राज्य पूरे देश में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू कराने का प्रयास करेगा।

हालांकि यह अनुच्छेद न्यायालय द्वारा बाध्यकारी नहीं है, बल्कि सरकारों के लिए एक संवैधानिक नीति-निर्देशक सिद्धांत माना जाता है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड का संबंध विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार और पारिवारिक कानूनों से है। वर्तमान में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून (Personal Laws) लागू हैं।

उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश पर नजर

यदि मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होता है, तो यह उत्तराखंड के बाद ऐसा करने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति तभी स्पष्ट होगी जब राज्य सरकार विधेयक प्रस्तुत करेगी और विधानसभा उसे पारित करेगी।

सतगढ़ी में बनेगा अत्याधुनिक स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क

कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख आकर्षण भोपाल के सतगढ़ी क्षेत्र में बनने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क रहा।

करीब 173 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को 'वर्क-लिव-ग्रो' (Work-Live-Grow) मॉडल पर तैयार किया जाएगा।

इस मॉडल का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए आवास, कौशल विकास, परिवहन, सामाजिक सुविधाएं और आधुनिक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

किन क्षेत्रों के उद्योग स्थापित होंगे?

सरकार के अनुसार इस इंडस्ट्रियल पार्क में निम्न क्षेत्रों के उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी—

हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग
गारमेंट उद्योग
टॉय मैन्युफैक्चरिंग
सूचना प्रौद्योगिकी (IT)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
लॉजिस्टिक्स
इलेक्ट्रॉनिक्स
नई एवं उभरती प्रौद्योगिकी आधारित उद्योग

सरकार का दावा है कि इससे भोपाल मध्य भारत के एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित होगा।

15 हजार से अधिक रोजगार मिलने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

रोजगार के अवसर केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि—

निर्माण कार्य
लॉजिस्टिक्स
परिवहन
होटल एवं आतिथ्य
तकनीकी सेवाएं
रखरखाव
सुरक्षा
कौशल प्रशिक्षण

जैसे अनेक क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ने की संभावना है।

25 एकड़ में बनेगा विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर

स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क के अंतर्गत लगभग 25 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर भी विकसित किया जाएगा।

सरकार के अनुसार—

इसकी क्षमता 10 हजार से अधिक लोगों की होगी।
यहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियां आयोजित की जा सकेंगी।
निवेशकों, उद्योग संगठनों और स्टार्टअप कार्यक्रमों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस परियोजना से भोपाल में व्यापारिक और औद्योगिक आयोजनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर भी बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्य प्रदेश को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

उन्होंने दावा किया कि इनमें से करीब 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने की प्रक्रिया में हैं या उनका क्रियान्वयन शुरू हो चुका है।

हालांकि इन निवेश प्रस्तावों की वास्तविक प्रगति और परियोजनाओं की स्थिति का आकलन समय-समय पर संबंधित विभागों की आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया जाएगा।

यूनियन कार्बाइड परिसर को लेकर भी की घोषणा

मुख्यमंत्री ने भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड (UCIL) परिसर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार वहां मौजूद रासायनिक अपशिष्ट (कचरे) को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुकी है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में—

वहां एक स्मारक विकसित किया जाएगा।
आधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।
यह परिसर लोगों के लिए स्वास्थ्य और जनकल्याण का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पूर्व में यूनियन कार्बाइड मामले के आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई थी। यह एक राजनीतिक टिप्पणी है, जिस पर कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम के संदर्भ में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

यूसीसी को लेकर मिले सुझावों पर क्या कहा गया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में सुझाव प्राप्त हुए हैं।

कुछ सार्वजनिक रूप से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सुझाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने अपनी राय दर्ज कराई। हालांकि इन आंकड़ों का विस्तृत आधिकारिक विश्लेषण राज्य सरकार द्वारा विधेयक प्रस्तुत किए जाने के समय और अधिक स्पष्ट हो सकता है।

अब आगे क्या?

मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

क्या जुलाई 2026 में ही यूसीसी विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा?
कानून का अंतिम प्रारूप कैसा होगा?
किन विषयों को इसमें शामिल किया जाएगा?
क्या सभी व्यक्तिगत कानूनों को एक समान कानूनी ढांचे में समाहित किया जाएगा?

इन सभी प्रश्नों के उत्तर राज्य सरकार द्वारा विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने या विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने के बाद ही स्पष्ट होंगे।