दिल्ली-पंजाब में बड़ा आतंकी नेटवर्क बेनकाब: ISI से जुड़े शहजाद भट्टी मॉड्यूल के 6 संदिग्ध गिरफ्तार, हथियार और पेट्रोल बम बरामद

दिल्ली-पंजाब में बड़ा आतंकी नेटवर्क बेनकाब: ISI से जुड़े शहजाद भट्टी मॉड्यूल के 6 संदिग्ध गिरफ्तार, हथियार और पेट्रोल बम बरामद

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े संयुक्त अभियान के दौरान पाकिस्तान से संचालित एक संदिग्ध आतंकी एवं हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से कार्रवाई करते हुए छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर एवं कथित आईएसआई (ISI) समर्थित ऑपरेटिव शहजाद भट्टी के मॉड्यूल से जुड़े हुए थे और भारत में आतंकी गतिविधियों तथा अवैध हथियारों की सप्लाई से संबंधित नेटवर्क का हिस्सा थे।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई अत्याधुनिक हथियार, तीन पेट्रोल बम, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सीमापार से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी, युवाओं की भर्ती, संवेदनशील इलाकों की रेकी और संभावित आतंकी साजिशों को अंजाम देने की तैयारी में सक्रिय था।

दो अलग-अलग मॉड्यूल के जरिए चल रहा था नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नेटवर्क दो प्रमुख हिस्सों में बंटा हुआ था।

पहला मॉड्यूल कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने, संभावित हमलों के लिए स्थानीय स्तर पर सहयोग जुटाने और संवेदनशील स्थानों की रेकी करने में लगा था।

दूसरा मॉड्यूल पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भेजे जाने वाले हथियारों, गोला-बारूद और अन्य प्रतिबंधित सामग्री को भारत में रिसीव करने, उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने और आगे विभिन्न राज्यों में सप्लाई करने का काम करता था।

अधिकारियों का कहना है कि दोनों मॉड्यूल आपस में समन्वय बनाकर काम कर रहे थे और इनके तार सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं।

हथियारों और पेट्रोल बम की बरामदगी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपियों के पास से कई पिस्टल, कारतूस, तीन पेट्रोल बम तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस इन हथियारों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग पहले किसी आपराधिक या आतंकी वारदात में हुआ है या नहीं।

बरामद पेट्रोल बमों से यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों या सार्वजनिक स्थलों पर आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। हालांकि, जांच एजेंसियों ने फिलहाल किसी विशेष लक्ष्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए हो रही थी भर्ती

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी अपने नेटवर्क का संचालन एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से कर रहा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, युवाओं को पहले सोशल मीडिया पर संपर्क किया जाता था, फिर उन्हें आर्थिक लाभ, गैंगस्टर नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों के जरिए जोड़ने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद उन्हें हथियारों की तस्करी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल किया जाता था।

सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, चैट रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के संवेदनशील इलाकों की रेकी

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के कई संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी कर चुके थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उनका अंतिम लक्ष्य क्या था और क्या किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी चल रही थी।

फिलहाल सुरक्षा कारणों से संभावित लक्ष्यों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी पर एजेंसियों की नजर

पिछले कुछ वर्षों में पंजाब सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और मादक पदार्थ भेजे जाने के कई मामले सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार मॉड्यूल भी इसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

सीमा सुरक्षा बल (BSF), पंजाब पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पहले भी ऐसे कई ड्रोन मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चुकी हैं। इस ताजा कार्रवाई के बाद ड्रोन रूट, लॉजिस्टिक नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फंडिंग और विदेशी कनेक्शन की जांच

स्पेशल सेल अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, हवाला लेनदेन, बैंक खातों और विदेशी संपर्कों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नेटवर्क केवल हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों को समर्थन देना भी हो सकता है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस मॉड्यूल के संबंध अन्य राज्यों में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क या आतंकी संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।

अन्य राज्यों में भी बढ़ाई गई सतर्कता

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली, पंजाब और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

आधिकारिक जांच जारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके डिजिटल तथा वित्तीय नेटवर्क की जांच की जा रही है।