केरल के वायनाड में भारी बारिश के बीच सुरंग निर्माण स्थल पर भूस्खलन, 6 लोग घायल; NDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटीं
दक्षिण भारत में सक्रिय मानसून के बीच केरल के वायनाड जिले से भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वायनाड-कल्लाडी सुरंग (टनल) निर्माण स्थल पर अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर गईं। हादसे में 6 लोग घायल हो गए, जबकि राहत की बात यह रही कि किसी की मौत नहीं हुई है।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियों ने राहत अभियान शुरू किया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
भारी बारिश के बीच हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वायनाड जिले में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। इसी दौरान कल्लाडी सुरंग निर्माण परियोजना के कार्यस्थल पर पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसक गया और भारी मलबा नीचे आ गिरा।
मलबे की चपेट में निर्माण कार्य में लगे कई श्रमिक आ गए, जिन्हें तुरंत स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से बाहर निकाला गया।
मुख्यमंत्री ने ली स्थिति की जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही केरल के मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से संपर्क कर स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने वायनाड के जिला कलेक्टर से फोन पर पूरी जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने वायनाड के प्रभारी मंत्री टी. सिद्दीकी, राजस्व मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक भी की तथा प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य तेज करने को कहा।
NDRF की दो टीमें मौके पर पहुंचीं
हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो टीमें, जिनमें लगभग 60 जवान शामिल हैं, मीनांगाडी और कोझिकोड से घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
राहत दल मलबा हटाने, संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन ने आसपास के इलाके की भी निगरानी बढ़ा दी है क्योंकि लगातार बारिश के चलते दोबारा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
मंत्री ने निर्माण एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद केरल सरकार में मंत्री टी. सिद्दीकी ने इस हादसे को केवल प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना निर्माण एजेंसी कोंकण रेलवे की कथित लापरवाही का परिणाम है।
मंत्री का कहना है कि जिला प्रशासन ने पहले ही निर्माण स्थल पर भूस्खलन की आशंका को लेकर लिखित चेतावनी जारी की थी और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।
वायनाड पहले भी झेल चुका है बड़ी त्रासदी
मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि वायनाड का मुंडक्कई क्षेत्र पहले भी विनाशकारी भूस्खलन की त्रासदी झेल चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस घटना की पूरी जांच कराएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विभाग की चेतावनी जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और निर्माण स्थलों पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं और केवल आधिकारिक मौसम एवं प्रशासनिक सलाह का पालन करें।
राहत एवं निगरानी जारी
फिलहाल निर्माण स्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बारिश की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दल भी तैनात किए जा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी गई है। फिलहाल किसी के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि घायलों का इलाज जारी है।
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