दतिया उपचुनाव: राजेंद्र भारती का बड़ा दावा, बोले- 'घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के रिमोट पर काम कर रहे थे'
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने के बाद सियासत और गर्मा गई है। मतगणना से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने एक इंटरव्यू में कई बड़े राजनीतिक दावे किए। उन्होंने कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के "रिमोट कंट्रोल" पर काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजेंद्र भारती ने दावा किया कि उनकी विधानसभा सदस्यता बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्थगन (स्टे) दिलाने की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य दतिया उपचुनाव को रुकवाना था। उन्होंने कहा कि समय आने पर इस मामले से जुड़े वकीलों के नाम भी सार्वजनिक करेंगे।
कांग्रेस से निष्कासन को लेकर पूछे गए सवाल पर भारती ने कहा कि उन्हें "बलि का बकरा" बनाया गया, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य वर्षों से दतिया की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं को चुनौती देना था और जनता ने 2023 में अपना जनादेश देकर यह संदेश भी दिया।
भारती ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए भीतरघात के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वह 2013 से कांग्रेस के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह के डॉ. नरोत्तम मिश्रा से पुराने संबंध रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने पहले भी एक चुनावी मामले में गवाही देने से इनकार किया था।
उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर उन्होंने कहा कि यह किसी एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। उनका दावा था कि भाजपा के मजबूत नेता के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई उन्होंने लंबे समय तक लड़ी, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला।
टिकट वितरण को लेकर भी राजेंद्र भारती ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने या परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने की मांग नहीं की थी। उनकी राय थी कि किसी अन्य ओबीसी चेहरे को मौका मिलना चाहिए, लेकिन परिस्थितियां अलग दिशा में चली गईं।
दतिया उपचुनाव के बाद सामने आए इन बयानों से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल, राजेंद्र भारती के दावों पर घनश्याम सिंह और डॉ. नरोत्तम मिश्रा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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